पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने के साथ ही पहाड़ों से आ रही सर्द हवाएं ठंडक बढ़ा रही हैं। तापमान तेजी से गिर रहा है और इस वर्ष की आखिरी रात यानी कि शुक्रवार रात सबसे ठंडी होने की संभावना है।
वहीं शुक्रवार की सुबह कोहरे काे साथ लेकर आई। आसमान से बादल छंटना शुरू हुए तो गुरुवार को पारा 6.4 डिग्री तक लुढ़क गया। एक जनवरी को तड़के इसके चार डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने नए साल से शीतलहर, गलन के साथ कोहरा बढ़ने की संभावना जताई है।
बादल हल्के हुए तो गुरुवार तड़के शहर का तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले तापमान 13.6 डिग्री था। यही नहीं, कानपुर की सुबह उत्तराखंड के हल्द्वानी, देहरादून और नेपाल के काठमांडू से भी ठंडी रही। हालांकि हल्की धूप निकलने के कारण दिन के तापमान एक डिग्री बढ़कर 19 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के मौसम वैज्ञानिक डा. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ हटने के बाद उत्तर-पश्चिमी सर्द हवाएं तेज होंगी और तापमान में और गिरावट आएगी। 31 दिसंबर के बाद न्यूनतम तापमान दो से तीन डिग्री तक कम हो सकता है।
हालांकि आसमान में काफी ऊंचाई पर हल्के बादल भी बने रह सकते हैं। इससे दिन का तापमान भी गिरेगा। जैसे-जैसे आसमान साफ होगा, रात में कोहरा, धुंध और गलन बढ़ेगी। साल के पहले सप्ताह ज्यादा ठंड होने की उम्मीद है। ऐसे में लोग विशेष सावधानी बरतें। गरम पानी लें, ताकि गले की खरास या जुकाम से बच सकें। बच्चों और बुजुर्गों का खासतौर से ख्याल रखें। उन्हें गरम कपड़े पहनाकर रखें। उन्होंने किसानों व पशुपालकों को सलाह दी है कि वे फसलों व जानवरों की सुरक्षा करें। पाला पड़ने की आशंका के कारण पर्याप्त नमी बनाएं और झुलसा रोग से बचाने के लिए जरूरी दवा का छिड़काव करें।
2021-12-31
