कानपुर। चुनाव आयोग ने यूपी विधानसभा चुनाव की तारीखों को ऐलान कर दिया। सूबे में सात फेज में वोट डाले जाएंगे। कानपुर नगर और कानपुर देहात की
14 सीटों के लिए तीसरे फेज यानि 20 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। जबकि लखनऊ के वोटर्स 23 फरवरी को अपना जनप्रतिनिधि चुनने के लिए वोटिंग करेंगे। आयोग ने आज से सूबे में आचार सहिंता लगा दी है।
चुनाव आयोग की तरफ तारीखों के ऐलान के बाद सूबे की सियासत गर्म हो गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने तारीख घोषित होने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, 10 मार्च 2022 को बीजेपी की प्रचंड जीत होने वाली है। पूरे सूबे में होली पर्व पर केसरिया रंग और गुलाल उड़ेगा। जबकि समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव ने कहा कि जनता समाजवादियों की सरकार बनाने जा रही है। हालांकि उन्होंने आयोग के कुछ नियमों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इसके साथ ही कानपुर में बीजेपी, सपा, बीएसपी और कांग्रेस पार्टी दफ्तारों में नेताओं का जमावड़ा है।
कानपुर नगर और कानपुर देहात की 14 सीटों में 20 फरवरी को वोट पड़ेंगे। 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 14 में से 11 सीटों पर जीत दर्ज की थी। जबकि समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवार और कांग्रेस की तरफ से सोहेल अंसारी विधायक चुने गए थे। बीजेपी नेताओं की नजर में अब 10 मार्च पर टिक गई है। मतगणना में जीत के लिए वह अभी से जुट गए हैं। बीजेपी नगर अध्यक्ष ने कहा पार्टी 2022 के चुनाव में 14 में से 14 सीटों पर जीत दर्ज करने जा रही है।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी को पहले चरण के मतदान के साथ ही विधानसभा चुनावों की शुरुआत होगी। दूसरे चरण में 14 फरवरी को उत्तर प्रदेश के दूसरे चरण की वोटिंग होगी। उत्तर प्रदेश में 20 फरवरी को तीसरे और 23 फरवरी को चौथे चरण के मतदान होंगे। 27 फरवरी को उत्तर प्रदेश में पांचवें चरण के तहत वोट डाले जाएंगे। तीन मार्च को उत्तर प्रदेश में छठे चरण के लिए वोट पड़ेंगे। उत्तर प्रदेश के 7वें और अंतिम चरण के मतदान सात मार्च को होगा। 10 को मतों की गिनती होगी।मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि यूपी में 10 जनवरी को नोटिफिकेशन जारी होगा जबकि 21 जनवरी नामांकन की लास्ट डेट रखी गई है।
निर्वाचन आयुक्त ने यह भी कहा कि इस बार सोशल मीडिया पोस्टों पर भी कड़ी नजर रहेगी। नफरत वाले भाषणों यानी हेट स्पीच को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा- डोर-टु-डोर कैंपेन में भी अधिकतम पांच लोग ही शामिल हो सकेंगे। चुनाव प्रचार के दौरान कोरोना गाइडलाइंस का पूरी तरह अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। इसमें शामिल होने वाले लोगों के लिए कोरोना से बचाव के लिए मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था राजनीतिक दल ही करेंगे। मतगणना के बाद किसी भी तरह के विजय जुलूस की इजाजत नहीं होगी।
कोरोना की चुनौतियों पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा, यकीन हो तो कोई रास्ता निकलता है, हवा की ओट लेकर भी चिराग जलता है। राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को हमारी सलाह है कि वे अपने चुनाव प्रचार कार्यक्रमों को डिजिटल मोड में ही चलाएं। 15 जनवरी तक कोई भी रोड शो, बाइक रैली, जुलूस या पद यात्रा की इजाजत नहीं होगी। यही नहीं 15 जनवरी तक कोई फीजिकल रैली भी नहीं आयोजित की जाएगी। बाद में डीटेल गाइडलाइंस जारी की जाएंगी।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्र ने कहा कि राजनीतिक दलों के सभी चुनावी कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। पार्टियों को अपने उम्मीदवारों की आपराधिक रिकार्ड की घोषणा अनिवार्य रूप से करनी होगी। यूपी, हर उम्मीदवार 40 लाख रुपए ही खर्च कर पाएगा। सीईसी सुशील चंद्र ने कहा कि धन बल और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग को लेकर हर बार की तरह इस बार भी जीरो टालरेंस की नीति रहेगी। संवेदनशील बूथों पर पूरे दिन वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
10 फरवरी : शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, गौतमबुद्धनगर, मथुरा, आगरा में होंगे ।
2022-01-08
