औरैया में नवजात की मौत पर हत्या का आरोप लगाते हुए पति ने पत्नी समेत पांच लोगों के खिलाफ बिधूना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट लिखते हुए आरोपितों की गिरफ्तारी जल्द किए जाने का आश्वासन पीड़ित को दिया है।
जनपद कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र रतनपुर कालोनी निवासी उमेश कुमार पुत्र शंभू सिंह ने नवजात बेटे की मौत पर पुलिस को तहरीर दी थी। कोई सुनवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली। जहां से हुए आदेश पर बैकफुट पर आई पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पीड़ित का कहना है कि वर्ष 2017 में उसकी शादी बिधूना कोतवाली क्षेत्र के नगला पियरा निवासी शशि प्रभा पुत्री कमलेश के साथ हुई थी। शादी के बाद से पत्नी का आचरण कुछ माह बाद उसके प्रति उदासीन रहा। आरोप लगाया कि गर्भवती के दौरान पत्नी ने गर्भपात करने की बात कही। इस पर उसने इन्कार कर दिया था। करीब चार माह पहले तबीयत ठीक न होने की बात कहकर वह अपने भाई के साथ मायके चली गई। 14 नवंबर की बीती रात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिधूना में प्रसव के दौरान पत्नी को बेटा हुआ। कुछ देर बाद उसकी मौत होने की जानकारी मिली।
संदेह होने पर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी गई। इसके बाद पोस्टमार्टम में नवजात की मौत चोट लगने की वजह से पता चली। मुकदमा दर्ज न होने पर न्यायालय की शरण ली। इसमें आरोप शशिप्रभा, सास सुशीला, ससुर कमलेश, पत्नी के भाई गौतम समेत रिश्तेदारों में सीता पत्नी वीरेंद्र निवासी नगला पियरा व अनिल पुत्र दयाराम निवासी कुरपुरा के खिलाफ लगाए। कोर्ट से हुए आदेश पर उक्त मामले में पांचों के खिलाफ मुकदमा बिधूना कोतवाली में दर्ज किया। प्रभारी निरीक्षक शशि भूषण मिश्रा का कहना है कि पूरे मामले क जांच की जा रही है। उमेश ने बताया कि वह हिमाचल प्रदेश में स्थित किसी निजी संस्थान में नौकरी करता है। जहां उसकी पत्नी उसके साथ कुछ दिन रही थी।
