कोरोना की इस महामारी में एक ओर दानदाता और अन्य देशों की सरकारें भी सहायता के लिए आगे आ रही हैं, वही देश मे कुछ लोग जमाखोरी और कालाबाजारी कर रहे हैं । यह मानवता को शर्मसार करने वाली स्थिति है । जमाखोरी और कालाबाजारी करके कोई दो पैसा अधिक कमा लेगा, परंतु उसका यह कृत्य किसी भी हालत में क्षमा करने योग्य नहीं हो सकता । आखिर ऐसे समय में हमें सब कुछ भुला कर पीड़ित मानवता के लिए आगे आना चाहिए ।और उपलब्ध संसाधनों से पीड़ित संक्रमितो को बचाना चाहिए। हमारे दो कदम पीड़ित संक्रमित के जीवन बचाने मैं सहायक हो सकते हैं । परंतु हम लोग दलालों को समझा -समझा कर थक चुके हैं । बीड़ी पर कालाबाजारी ,गुटके पर कालाबाजारी, ऑक्सीजन पर कालाबाजारी ,इंजेक्शन पर कालाबाजारी ऐसी अनगिनत खबरें रोज सामने आ रही हैं। दुर्भाग्य की बात यह है की कुछ चिकित्सा संस्थानों में भी इसी तरह से कालाबाजारी का खेल चल रहा है ,कालाबाजारी की घटनाएं आम होती जा रही हैं । इंसानियत तो यह कहती है कि जो हमारे पास संसाधन हैं उन्हें जरूरत मंद लोगों तक पहुंचाएं । सरकार को भी इस संकट के दौर में जो लोग कालाबाजारी करके मानवता को शर्मसार कर रहे हैं , उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त प्रावधान होने चाहिए । मजे की तो बात यह है कि इस तरह की करतूत करने वाले लोग हमारे आसपास हैं , उन्हें समझना होगा इस समय वह कालाबाजारी या जमाखोरी करके किसी की जान से खेल कर दो पैसा अधिक कमा लेंगे , पर आने वाली पीढ़ी मे यदि जमीर नाम की कोई चीज होगी तो वह कभी माफ नहीं करेगी । और यह बात उन्हें हमेशा कचौटती रहेगी ।
2021-05-06

