सूबे में आचार संहित लागू हो गई

कानपुर। यूपी विधानसभा चुनाव की तारीख के ऐलान के बाद सूबे में आचार संहित लागू हो गई है। पुलिस-प्रशासन जनपद में शांतिपूर्ण मतदान कराए जाने के लिए कमर कस चुका है। चुनावी पर्व पर तीन दशक के बाद चौबेपुर का बिकरू गांव गदगद है। क्योंकि 2022 में वोटर्स बिना खौफ के अपने पसंद के उम्मीदवार को वोट दे सकेंगे। उनकी सुरक्षा पुख्ता करने लिए अर्धसैनिक बल के जवानों ने बिकरू में रूटमार्च किया तो ग्रामीणों ने स्वागत कर मिठाई बांटी। महिलाओं ने कहा कि, साहब अब बिकरू में आतंक का विकास खत्म हो गया है और प्रजातंत्र की शुरूआत हो चुकी है।
बिकरू गांव में दो जुलाई 2021 को कुख्यात अपराधी विकास दुबे ने अपने हथिरबंद साथियों के साथ मिलकर आठ पुलिसकर्मियां की बेरहमी से हत्या कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में विकास समेत छह गुर्गे मुठभेड़ में मारे गए थे। जबकि विकास के 42 मददगारों को पुलिस ने सलाखों के पीछे भेजा था। पंचायत चुनाव में बिना विकास के दखल के शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हुआ और महिला उम्मीदवार प्रधान चुनी गई थीं। विकास दुबे एक खुंखार अपराधी था। वह बचने के लिए खादी और खाकी का सहारा लेकर बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र के 50 से ज्यादा ग्रामप्रंचायत चुनाव में सीधी दखल रखता था। विकास की पत्नी जिला पंचायज सदस्य का चुनाव जीती थीं। बिकरू में 20 साल तक गैंगस्टर की मर्जी से ही प्रधान चुने जाते रहे। गांव वाले पंचायत चुनाव में मतदान ही नहीं कर सके थे, लेकिन अब पुलिस की चौपाल भी लगती है। लोग पुलिस के साथ निडर होकर खड़े दिखते हैं।विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर सीओ बिल्हौर राजेश कुमार व इंस्पेक्टर कृष्ण मोहन राय के नेतृत्व में अर्धसैनिक बलों का रूटमार्च बिकरू पहुंचा। यहां गांव की प्रधान मधु कमल ने पुलिस बल का स्वागत किया। वहीं वृद्ध महिलाओं ने अर्धसैनिक बल के जवानों को व पुलिस कर्मियों को माला पहना कर मिठाई बांटी।
गांव वालों ने कहा कि अब बिकरू में सब कुछ ठीक है। वह लोग शांति से जीवन व्यतीत कर रहे हैं, जिससे गांव की बदनामी का दाग मिट सके। सीओ बिल्हौर राजेश कुमार ने बताया कि प्रत्येक गांवों के मतदान केंद्रों में व्यवस्था देखी जा रही है। मतदान के दौरान केंद्रीय पुलिस बल की मौजूदगी रहेगी।

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