प्रधानमंत्री मोदी के 28 दिसंबर को होने वाले कानपुर दौरे के महज कुछ घंटों पहले 27—28 दिसंबर की रात करीब 11 बजे एक फुटवियर कारोबारी पर फजलगंज में गोली चलने की घटना सामने आयी थी। जिससे पूरी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया था। लेकिन घटना के बाद 20 दिनों तक चली तहकीकात से खुलासा हुआ है कि व्यापारी वैभव आरोडा द्वारा लगाया गया गोलीबारी का आरोप झूठा था। अब पुलिस वैभव पर आईपीसी की धारा 182 के तहत मामला दर्ज करने पर विचार बना रही है। जिसमें उसे 6 माह तक की जेल हो सकती है। रतनलाल निवासी फुटवियर कारोबारी वैभव अरोडा के मुताबिक वह अपने पिता कमल अरोरा के साथ कार से 27—28 दिसंबर की रात किसी काम से जा रहे थे तभी करीब 11 बजे बाइक सवार दो हमलावरों ने फजलगंज चौराहे के पास उनकी कार पर तमंचे से हमला कर दिया। जिसमें गोली कार के सामने वाले शीशे को भेदते हुए आर पार हो गई।
चौराहे से चंद कदम की दूरी पर स्थित फजलगंज थाने में वैभव अपनी शिकायत करने पहुॅचा, इतनी ही देर में तमाम साथी व्यापारी भी थाने पहुॅच कर पुलिस पर दबाव बनाने में जुट गये। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई चालू कर दी।
2022-01-17
