विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर सभी राजनेताओं की नजर कानपुर पर

कानपुर। कहते हैं कि दिल्ली की सत्ता का रास्ता यूपी से होकर गुजरता है तो वहीं लखनऊ की कुर्सी पर वही दल बैठता है, जिस पर मजदूरों के शहर के लोग मुहर लगा देते हैं। ऐसे में विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर सभी राजनेताओं की नजर कानपुर पर है। बीजेपी, सपा, बीएसपी समेत अन्य दलों ने यहां अपने-अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी एक बड़े प्लान की तरफ बढ़ रही थी और सोमवार को प्रियंका गांधी ने कल्याणपुर सीट से बिकरूकांड के आरोपी अमर दुबे की सास गायत्री तिवारी को टिकट देकर चुनाव के मैदान में उतार दिया। इसके अलावा रविवार को कांग्रेस ने गोविंद नगर सीट से करिश्मा ठाकुर को टिकट देकर विपक्षी खेमें में हलचल तेज कर दी है।कांग्रेस ने सोमवार को अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की। जिसमें कल्याणपुर सीट से गायत्री तिवारी को टिकट दिया गया है। इससे पहले विकास दुबे के शूटर अमर दुबे की सास गायत्री दिल्ली गई थीं और प्रियंका गांधी से मुलाकात की थी। तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि गायत्री को कांग्रेस गोविंद नगर से चुनाव के मैदान में उतार सकती है। करीब एक सप्ताह तक चली मंथन बैठक के बाद कांग्रेस ने करिश्मा के साथ गायत्री को पंजे का सिंबल दे दिया।
गायत्री तिवारी के कांग्रेस से चुनाव के मैदान में उतरने से कानुपर की कई सीटों पर कांग्रेस को फायदा हो सकता है। जानकारों की मानें गोविंद नगर, किदवई नगर, आर्यनगर, बिल्हौर, बिठूर, कल्याणपुर, अकबपुर रनिया, महाराजपुर सीट में कांग्रेस गायत्री को आगे कर बीजेपी के वोटबैंक में सेंधमारी कर सकती है। ये सभी सीटें ब्राम्हण बाहूल्य हैं और जीत-हार का फैसला पंडित मतदाता तय करते हैं।
गायत्री तिवारी, विकास दुबे के दहिने अमर दुबे की सास और खुशी दुबे की मां हैं। खुशी दुबे की शादी बीते 29 जून 2020 को अमर दुबे से हुई थी। शादी के महज तीन दिनों बाद 2 जुलाई 2020 की रात कुख्यात अपराधी विकास दुबे के घर पर पुलिस टीम दबिश देने के लिए पहुंची थी। इसी दौरान विकास दुबे ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर 8 पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी। बीते 8 जुलाई को हमीरपुर के मौदाहा में एसटीएफ ने अमर दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस ने खुशी को बिकरू कांड में आरोपी बनाया था। पुलिस ने खुशी दुबे पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था।
खुशी को लेकर यूपी के नेता चुनाव से पहले रिहाई को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र अपनी सभाओं में अक्सर खुशी दुबे का नाम लेकर बीजीपी को घेरते रहते हैं। इसके अलावा अखिलेश और प्रियंका गांधी भी खुशी के पक्ष में उतर चुकी हैं। खुशी की मां का कहना है कि उनकी बेटी निर्दोष है। योगी सरकार बेवजह उसे जेल में डाले हुए है। हम चुनाव में आएंगे और बीजेपी की करतूत जनता को बताएंगे।कल्याणपुर विधानसभा सीट ब्राह्मण बाहुल सीट मानी जाती है। 2017 के विधानसभा चुनाव में यहां से बीजेपी की नीलिमा कटियार विधायक चुनी गई थीं। बीजेपी ने 2022 में नीलिमा पर दांव लगाया है, वहीं समाजवादी पार्टी की तरफ से पूर्व विधायक सतीश निगम चुनाव के मैदान में हैं। कल्याणपुर यीट पर लगभग 90 49 हजार ब्राह्मण वोटर हैं। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लगभग 85 हजार वोटर हैं। वहीं 40 हजार कायस्त वोटर्स हैं। मुस्लिम वोटर 35 हजार, बढ़ई 32 हजार, पाल वोटर 17 हजार, यादव वोटर 16 हजार, पंजाबी सिंधी 14 हजार, क्षत्रीय और वैश्य 13-13 हजार, कुशवाहा लगभग 11 हजार के करीब हैं।

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