कानपुर l 13 करोड़ रुपए की लागत से बन रही शंनेश्वर चौराहे से मसवानपुर सड़क निर्माण कार्य मानक के विपरीत चल रहा है। जबकि रोजाना अधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण करते हैं। गुरुवार को आईआईटी की टीम भी जांच के लिए सैंपल ले गई है।बताते चले कि उपरोक्त सड़क को खूनी सड़क के नाम से भी जाना जाता था।जिसको लगातार शिकाय
त मिलने के बाद गोविंदनगर विधायक सुरेन्द्र मैथानी के प्रयासों से जमीनी हकीकत मिल सकी।उपरोक्त सड़क का 13 करोड़ की लागत से बीते 21 मई को शिलान्यास किया गया था।उपरोक्त सड़क निर्माण कार्य मे आवास एवं विकास परिषद द्वारा धन लगाया जा रहा है जबकि निर्माण कार्य का जिम्मा नगर निगम पर है।लेकिन सड़क निर्माण कार्य मे लगातार भृस्टाचार किया जा रहा है।सात मीटर चौड़ी और आठ इंच मोटी सड़क के मानक पर सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है ।लेकिन हकीकत में सड़क की मोटाई में खेल चल रहा है। सीसी सड़क के किनारे तो मोटाई आठ इंच है लेकिन सड़क के बीच में मलवा डालकर सड़क की मोटाई में खेल कर दिया है। सड़क की मोटाई कहीं 6 इंच तो कहीं 7 इंच है। मानक से लगभग एक से दो इंच माल की बचत कर ठेकेदार और जिम्मेदार माल कमा रहे हैं। ऐसे में सरकारी धन पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है।
वहीं सड़क निर्माण कार्य में धांधली की शिकायत पर जमीनी हकीकत जानने पहुंचे मीडिया कर्मियों ने सुपरवाइजर को मौके पर बुला कर सड़क की मोटाई की नाप कराई तो सड़क की मोटाई में गड़बड़ झाला दिखाई दिया।नाप के दौरान कही सड़क का लेयर 6 इंच मिला तो कही 7 इंच था। जिसके बाद सुपरवाइजर ने गलती मानते हुए ठेकेदार को लेयर सही करने को कहा।आनन फानन में जेसीबी की मदद से सड़क पर पड़ा मलवा हटाकर लेयर सही की गई ।हालांकि जिसके बाद निर्माण कार्य को बन्द करा दिया गया। अब बड़ा सवाल है कि जिस जगह पर निर्माण कार्य हो चुका है उसका जिम्मेदार कौन होगा और इसकी जिम्मेदारी कौन तय करेगा।क्या कार्यदाई संस्था को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा या फिर यू ही मानकों को ताक पर रखकर सड़क निर्माण कार्य जारी रहेगा।
2022-02-12
