शरअन वैक्सीन लगवाने में कोई हर्ज नहीं

कुल हिन्द इस्लामिक इल्मी अकादमी के मुफ्तियाने किराम की आम सहमति

कानपुर:- नये दौर में पेश आने नये और पेचीदा मसायल के हल के लिये शहर कानपुर के वरिष्ठ उलमा व मुफ्तियों पर आधारित कुल हिन्द इस्लामिक इल्मी अकादमी की मासिक बैठक अकादमी के कार्यालय जमीअत बिल्डिंग रजबी रोड में अकादमी के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती मुहम्म्द इक़बाल अहमद क़ासमी की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
बैठक में कोरोना वैक्सीन के सम्बन्ध में उलमा ने तय पाया कि कोरोना वैक्सीन संक्रामक और घातक रोग से बचाव के लिये एहतियात के तौर पर लगवाई जाती है जिस तरह अन्य रोगों से सुरक्षा के लिये टीके लगाये जाते हैं इसलिये केवल अफवाहों पर भरोसा करके उसको स्वास्थ्य के लिये नुक़्सान पहंुचाने वाला क़रार नहीं दिया जा सकता है विशेष रूप से जब दुनिया के मुस्लिम व गै़र मुस्लिम डाक्टर इसके लाभकारी होने पर एकराय हैं। लिहाज़ा शरीअत की रोशनी में वैक्सीन लगवाने में कोई हर्ज नहीं है।
दूसरे मसले क़साई की बात पर ऐतबार करके कुर्बानी का जानवर खरीदे जाने के सिलसिले में तय पाया गया कि कुर्बानी के जानवारों में अगर स्पष्ट प्रतीक यानि अगर दन्ता(दंात वाला) होना नहीं पाया जाता हो तो केवल व्यापारी की बात पर ऐतबार करते हुए उसकी उम्र पूरी नहीं मानी जा सकती है बल्कि इसके लिये किसी विशेषज्ञ को दिखाकर पूरा इत्मीनान करना ज़रूरी है अलबत्ता अगर जानवर का पालन पोषण करने वाला पूरे यक़ीन के साथ उम्र पूरी बताये और वह जानवर देखने में पूरी उम्र का मालूम होता हो तो उसकी बात पर ऐतबार किया जा सकता है।
तीसरे मसले कुर्सी पर बैठकर नमाज़ पढ़ने की दशा में ज़मीन पर दोनों पैर रखने का शरई हुक्म क्या है? पर तय हुआ कि कुर्सी पर नमाज़ पढ़ने वाले मजबूर लोग अगर आसानी से पैर ज़मीन पर रख सकते हैं तो बिना वजह क़दमों को ज़मीन से ऊंचा ना रखें बल्कि दोनों पैर ज़मीन पर रखें, अलबत्ता अगर क़दम ज़मीन से उठ जायें तो भी नमाज़ दुरुस्त हो जायेगी, लेकिन जानबूझकर ऐसा ना करें।
अकादमी की अगली बैठक 1 अगस्त दिन रविवार को तय पाई गयी। बैठक में इल्मी अकादमी के अध्यक्ष मुफ्ती इक़बाल अहमद क़ासमी, उपाध्यक्ष मुफ्ती अब्दुर्रशीद क़ासमी, महासचिव मौलाना खलील अहमद मज़ाहिरी, सचिव मुफ्ती असदुद्दीन क़ासमी के साथ मुफ्ती सैयद मुहम्मद उस्मान क़ासमी, मुफ्ती अजीजुर्रहमान क़ासमी, मुफ्ती मुहम्मद दानिश क़ासमी, मौलाना अमीनुल हक़ अब्दुल्लाह क़ासमी, मुफ्ती सऊद मुर्शिद क़ासमी, मुफ्ती इज़हार मुकर्रम क़ासमी, मौलाना मुहम्मद इनामुल्लाह क़ासमी, मौलाना मुहम्मद अनीस खां क़ासमी, मौलाना हिफ्जुर्रहमान क़ासमी, मुफ्ती वासिफ क़ासमी, मौलाना अयाज साकिबी के अलावा अन्य लोग मौजूद थे।

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