मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है की श्री मुकुल गोयल जी बहुत ही सहृदय कर्मठ शुशील व्यापारी प्रतिनिधियों का सम्मान करने वाले अधिकारी हैं
मेरी पहली मुलाकात का संस्मरण आपके सामने प्रस्तुत है प्रांतीय अध्यक्ष जी के साथ में व्यापारियों पर हो रहे अत्याचार,रंगदारी लूट की घटनाओं का विरोध करने के लिए दादरी से अपने व्यापारी साथियों के साथ में लखनऊ गया था श्री मुकुल गोयल जी उस समय एडीजीपी लॉएंडऑर्डर थे
मुझे इस बात को बताने में बहुत गर्व है जब इस बात का मैंने परिचय दिया और बताया कि हम आपको व्यापारियों की समस्या बताने आए है आप यकीन नहीं करेंगे और मैंने भी यह दृश्य कभी देखा नहीं था
आप हमारे परिचय के साथ में ही अपनी कुर्सी से खड़े हो गए और तब तक अपनी कुर्सी पर नहीं बैठे जब तक हम लोग नहीं बैठ गए
मैं आपको बता सकता हूं कि ऐसा व्यक्ति / अधिकारी मैंने अपने जीवन में कभी भी नहीं देखा जो अपनी कुर्सी पर से खड़े होकर व्यापारियों / ओर प्रतिनिधियों का स्वागत करें उनके समस्या सुने और तत्काल समाधान के लिए अधिनस्थों को आदेश जारी करें
आपने सभी लोगों के लिए चाय मंगाई
और बड़े ध्यान पूर्वक हमारी समस्या को सुना
मैंने उसी दिन अपने मन में सोचा था
कि काश सारे अधिकारी उच्च पदों पर जो बैठे हैं वहां व्यापारियों की समस्या को इतने ध्यान पूर्वक सुने और व्यापारी प्रतिनिधियों को इतना सम्मान है
शायद मेरी ऐसी पुकार
प्रभु के पास पहुंची
औरआज ऐसा दिन प्रदेश की जनता को प्रभु कृपा से प्राप्त हुआ
मुझे पूरा विश्वास है अपने व्यापारी के साथ ही नेताओं पर और उनके सहयोगी o पर कि वह ऐसे अधिकारियों के सम्मान में अपने पलक पावडे बिछा दें और इस प्रदेश को इस देश के अंदर माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में सर्वोच्च प्रदेश बना दें मेरे दिल की भावना है किसी भी व्यापारी भाई को यदि मेरी भावना अच्छी लगे तो मुझे बताइएगा और जल्दी ही डीजीपी महोदय से लखनऊ में मुलाकात का कार्यक्रम तय होना है
अजय मित्तल विशेष संवाददाता रुद्ध संवाद

