कानपुर 3 जुलाई । पनकी श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर के महंत जितेंद्र दास जी ने अपने ऊपर कृष्ण दास द्वारा लगाए गए मन्दिर के गुल्लक से पैसे चोरी का अभियोग को खण्डित करने हेतु आज कानपुर प्रेसक्लब में अपना पक्ष रखते हुए अपनी वार्ता की।
उन्होंने बताया कि मेरे विरुद्ध एक वीडियो व समाचार पत्रों में गलत समाचार प्रकाशित कराए जा रहे हैं जो नितांत झूठे व निराधार हैं। जितेंद्र ने इतिहास बताते हुए कहा कि यहां पर परम्परा के अनुसार दो महंत नियुक्त किये जाते थे। रमाकांत दस और बाबा भुवनेश्वर दास दो महंत बने। भुवनेश्वर दस जी के ब्रह्मलीन हो जाने पर प्रार्थी का नियमानुसार चुनाव किया गया।
रमाकांत दास जी के गोलोक वासी होने पर तीन लोगों क्रमशः बालक दास, सुरेश दास व कृष्ण दास के बीच महन्त होने का विवाद शुरू हो गया।
इस पर तत्कालीन जिलाधिकारी ब्रह्मदेव तिवारी जी ने हस्तक्षेप किया और कहा कि न्यायालय का आदेश जब तक नहीं आता तबतक किसी को महन्त नहीं बनाया जा सकता।
इसी खुन्नस में मेरे विरुद्ध गलत व झूठा प्रकाशन किया जा रहा है। सच्चाई यह है कि गुल्लक की देख रेख व खोलकर अंदर सुरक्षित रखने का काम मेरे द्वारा ही हमेशा से होता रहा है। गोलक की चाभी मेरे पास न होकर मन्दिर की सारी चाभियाँ मन्दिर के प्रबंधक श्री छोटे लाल पाण्डे के पास ही रहती है।
मेरा जो सामाजिक उत्पीड़न व अपमान हुआ किया गया है उसके लिए मैंने दस करोड़ के मानहानि का मुकदमा दायर किया है, क्योंकि इससे मन्दिर की छवि जनता के बीच धूमिल हो गई है।
2021-07-03
