सखी केंद्र द्वारा अतंराष्ट्रीय महिला दिवस पखवारा कि श्रंखला मे सखी घरेलू कामगार संघ का सेमिनार, सहदुल्लापुर मे आयोजित किया गया

कानपुर नगर। आज दिनांक 25.02.2022 को सखी केंद्र द्वारा अतंराष्ट्रीय महिला दिवस पखवारा कि श्रंखला मे सखी घरेलू कामगार संघ का सेमिनार, सहदुल्लापुर मे आयोजित किया गया। जिसमे लगभग 10 बस्तीओ कि लगभग 90 लीडर्स ने हिस्सा लिया।
सर्वप्रथम सभी बहनों का स्वागत करते हुए सखी केंद्र के लक्ष्य व उद्देश्य को बताया। सखी केंद्र लगातार 40 वर्षों से महिलाओं के हक अधिकारों व सामाजिक मुद्दों पर कार्य कर रही है घरेलू कामगार महिलाओं के अधिकारों के लिए जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर किए जाते हैं। इसी श्रंखला में आज घरेलू कामगार महिलाओं का कार्यक्रम आयोजित किया गया ।संचालन को आगे बढ़ाते हुए प्रभाती जी के विचारों को रखने के लिए आमंत्रित किया गया।
प्रभावती जी ने अपने विचारों को रखते हुए कहा आप सबको अपने हाथ अधिकारों के लिए संगठित करना होगा। बाबा भीमराव अंबेडकर ने कहा था कि ‘‘शिक्षित बना,े संगठित बनो, संघर्ष करो’’ आज उनके कथन को हम सबको करने की भी जरूरत है। काम के दौरान घरेलू कामगार महिलाओं ने बताया कि हम लोगों को काम के दौरान बहुत समस्या आती है, जैसे हम बीमार या किसी काम से छुट्टी ले लेते हैं, तो काम से हटा दिया जाता है। जितना काम होता है उससे अधिक काम कराया जाता है। हमारे मेहनत से बहुत कम वेतन मिलता है, महीने में और हफ्ते में कोई छुट्टी तय नहीं होती। इन सब समस्या को घरेलू कामगार महिलाओं ने बताया। प्रभावती जी ने बताया कि इन सभी समस्या के लिए एक सहमति पत्र जिसमें अपने काम के दौरान अपने नियम सहमति पत्र लिखकर उनके अपने नियम के बारे में उन्हें जानकारी दे दें। तभी वहां काम शुरू करें।
इसके बाद सखी केंद्र की महामंत्री श्री नीलम चतुर्वेदी जी ने अपने विचारो ंमेे कहा कि आप लोगों के लिए निश्चित आय रखी जाएं। असंगठित मजदूरों के जो महिलाएं डॉक्टर, इंजीनियर, बिजनेसमैन, बड़े-बड़े पदों पर उनके घरों में काम व जिम्मेदारी आप संभालती हैं इसलिए वह बेहतर काम कर पा रही हैं। आप लोग एक हफ्ते दूसरों के घरों में काम ना करें तो जो डॉक्टर, इंजीनियर, महिलाएं अपने काम को बेहतर ढंग से नहीं कर पाएंगे। आप सब का काम बहुत ही महत्वपूर्ण है। अगर घरेलू कामगार महिलाएं एक हफ्ते की छुट्टी ले ले तो देश की गति और रूक जाएगी।
इसके बाद प्राची त्रिपाठी जी ने सुरक्षा नीति के बारे में बताते हुए कहा अपने घरों में बेटा बेटी को गुप्त बैठक के बारे में बताएं। हर माता को अपने बच्चों मे यह समझाना है कि यदि कोई गलत ढंग से छूता है तो उसकी शिकायत घर में जरूर बताना है, कोई भी स्कीम का लाभ लेने पर भी महिलाओं को गलत ढंग से छूता है इसकी भी शिकायत जरूर करनी है। आप सब का सम्मान और स्वाभिमान के साथ जीवन को जीना है।
माया कुरील जी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि आप सबको संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ना है। जो भी योजना सरकार द्वारा लागू हो रही है उन सभी योजनाओं का लाभ स्वयं भी लेना है व अन्य लोगों को भी दिलाना है। शिक्षा के अधिकार के तहत उसे 7 साल के बच्चों को ऑनलाइन फॉर्म भरवा कर गरीब परिवार के बच्चों को शिक्षा का लाभ दिलवाना है।
पुष्पा जी ने अपने विचार को रखते हुए बताया कि आप सभी बहने सशक्त व जागरूक हैं इसके साथ आप लोग कहीं भी किसी भी प्रकार की हिंसा को ना सहे। हिंसा होने पर तुरंत एक्शन ले और जरूरत पड़ने पर सखी केंद्र की मदद ले सकती हैं।
किरण जी ने अपने विचार रखते हुए बताया कि किसी के द्वारा बहुत ही सक्रिय रूप से कार्यक्रम होते रहते हैं आप सबको उन कार्यक्रमों में जुड़ कर लाभ लेते रहना है।
इस कार्यक्रम मे मुख्य रूप से प्राची त्रिपाठी, माया कुरील, प्रभावती, माया सिंह, पुष्पा तिवारी, ममता गुप्ता, मीणा प्रताप, किरण तिवारी, कंचन शर्मा, दामिनी, सिमरन, सुनीता, मोनी, रिया, कोमल आदि लोगों की भागीदारी ।

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