पुल से 15 फीट नीचे यमुना में गिरा ट्रक नहीं निकाल सकी टीम

पुल से 15 फीट नीचे यमुना में गिरा ट्रक नहीं निकाल सकी टीम, खलासी का शव मिला पर चालक का पता नहीं

बांदा में जसपुरा थाना क्षेत्र के बारा-गलौली पांटून पुल से यमुना नदी में गिरे धान लदे ट्रक के चालक का पता नहीं चल सका है। वहीं दूसरे दिन भी धान के बोरे लदे होने के कारण ट्रक को भी नहीं निकाला जा सका है। हालांकि लखनऊ से आई एसडीआरएफ की टीम ने 15 फीट गहराई में पानी के अंदर जाकर ट्रक का नंबर पता करके चालक और खलासी की शिनाख्त की। इसके बाद खलासी के शव मिलने की सूचना घरवालों को दी गई है। वहीं यमुना नदी में चालक की तलाश अभी जारी है।

शुक्रवार की देर रात या भोर में बारा-गलौली पांटून पुल से धान लदा ट्रक यमुना नदी में गिर गया था। राहगीरों से सूचना के बाद फतेहपुर की जाफरगंज पुलिस व सीओ, बांदा सिटी सीओ राकेश कुमार सिंह पहुंचे थे। स्थानीय गोताखोरों के जरिए एक शव बरामद किया जा सका था। कयास था कि केबिन में और लोग फंसे हो सकते हैं। सीओ सिटी राकेश कुमार सिंह ने घटना के बाबत एसडीआरएफ लखनऊ कंट्रोल रूम को सूचना दी थी। रात में एसडीआरएफ की टीम पहुंची। थाना प्रभारी जसपुरा राजेश वर्मा के साथ मिलकर रात में सर्च अभियान जारी किया लेकिन सफलता नहीं मिली। सुबह आठ बजते ही एसडी आरएफ की टीम ने सर्च अभियान शुरू किया। टीम प्रभारी राजेंद्र शुक्ल व एचसीपी मनोज कुमार द्वारा 15 सदस्य टीम के प्रेमचंद्र व अजय कुमार ने तीन से चार बार यमुना नदी में पानी के अंदर गहराई में जाकर ट्रक का नंबर पता किया। ट्रक पर हरियाणा का नंबर मिला तब चालक और खलासी की शिनाख्त हो सकी। जसपुरा थाना प्रभारी राजेश वर्मा ने बताया कि पांटून पुल के नीचे धान भरा ट्रक होने के चलते पुल को तोड़कर मजदूरों के माध्यम से धान की बोरियों को हटाया जा रहा है। जिससे क्रेन के माध्यम से ट्रक को निकालने में दिक्कत ना हो।

ट्रक मालिक मनोज गर्ग से बातचीत में पता चला कि चालक कन्नौज के गुरसहायगंज पठान टोला निवासी 30 वर्षीय शकील है, जबकि खलासी के रूप में फर्रुखाबाद के लाल दरवाजा निवासी साजिद है। ट्रक से निकाले गए युवक के शव का पोस्टमार्टम स्वजन के आने पर शिनाख्त के बाद किया जाएगा।

चालक की तलाश जारी : टीम के मुताबिक पानी का बहाव तेज है, जिसके कारण करीब 15 किमी. के दायरे में चालक की तलाश की जा रही है। गोताखोर प्रेमचंद, अजय, आकाश मिथलेश व आधा दर्जन स्थानीय गोताखोरों के माध्यम से सघन सर्च अभियान अभी भी चल रहा है। एसडीआरएफ प्रभारी राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि धान की बोरियों को निकालने के बाद ही क्रेन से ट्रक को आसानी से निकाला जा सकेगा।अतर्रा मंडी से लादा था धान ट्रक में अतर्रा मंडी से गोविंद गुप्ता के यहां से धान लोड किया गया था, जिसे गाजियाबाद ले जाया जा रहा था।

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