कानपुर :- पुलिस कमिश्नर की माता और लेखिका शशि अरुण जी के निधन पर देश के कवियों और साहित्यकारों ने उन्हें नम आंखों के साथ अंतिम विदाई दी।उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हृदय संबंधी बीमारी से 71वर्षीय शशि अरुण जी का शुक्रवार दोपहर निधन हो गया। परिवार जनो के मुताबिक हृदय संबंधी बीमारी की वजह से उनकी अचानक तबीयत बिगड़ी थी।
आज उनका अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस अफसरों ने श्रद्धांजलि अर्पित कर शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी।
मूलरूप से इटावा की शशि अरुण जी जानीमानी लेखिका थीं। साहित्यिक समाज मे उनका अहम मुकाम था। उनके निधन पर साहित्यिक समाज ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए शोक संवेदना व्यक्त की।शशि अरुण के पति आईपीएस श्रीराम अरुण का 2018 में निधन हो गया था। श्रीराम अरुण जी UP के डीजीपी भी रहे थे।
दो जुलाई को ही दिवंगत श्रीराम अरुण जी का जन्मदिवस भी था उनके बेटे असीम अरुण कानपुर कमिश्नरी के पहले पुलिस कमिश्नर हैं।एक कवि की कुछ लाइने है कि मां तो ममता का घर होती है। पास हो तो कहां ये खबर होती है।। दूर होते हैं तब ये एहसास होता है। कि मां के बिना कैसी जीवन की डगर होती है।।शशि अरुण जी ने एमए की पढ़ाई खत्म होने बाद कहानियां लिखना शुरू किया था। सन् 1973 में उनकी लिखी पहली कहानी ‘टीनू की बहादुरी’ ‘चंपक’ में छपी थी। उसके बाद से लगातार लेखन से वह जुड़ी रही और लिखती रही और विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं और आकाशवाणी तथा दूरदर्शन पर उनकी कहानियां और लेख छपते रहे और प्रसारित होते रहे है।
2021-07-03
