रूरा में महाशिवरात्रि के अवसर पर जिनई बनीपारा स्थित बाणेश्वर महादेव मंदिर में आस पास के अलावा गैर जनपदों से आए श्रद्धालुओं के सैलाब ने बोल बम, बोल बम के जयघोष के साथ बेलपत्र, धतूरा, मिष्ठान, दूध, फूल आदि चढ़ाकर भगवान भूतभावन का जलाभिषेक किया। हजारों की भीड़ जुटने पर चार पांच घंटे कतार में लगने के बाद दर्शन हो पाए। पुलिसकर्मियों को भारी मशक्कत व्यवस्था संभालने को करनी पड़ी।
महाशिवरात्रि को लेकर मध्य रात्रि के बाद से विभिन्न स्थानों से लौटे कांवड़ियों के संग श्रद्धालुओं ने चंदन, फूल बेलपत्र से भव्य श्रृंगार के बाद महाआरती की। इसके बाद आम लोगों के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए। भीड़ का आलम यह रहा कि भोर पहर से लेकर दोपहर बाद तक लोग जुटे और तिल रखने तक की जगह नहीं थी। घंटों कतारों में खड़े रहने के बाद मंदिर में पहुंचते लोगों का पसीना छूट गया। अपर पुलिस अधीक्षक घनश्याम चौरसिया, सीओ सदर अरुण कुमार पुलिस बल के साथ जुटी भक्तों की भीड़ की नियंत्रित कर व्यवस्था संभालने के साथ महिला थाना पुलिस व अतिरिक्त पुलिस बल मंगाया तब दोपहर बाद करीब तीन बजे स्थिति सामान्य हो पाई। जलाभिषेक करने वालों में मुख्य रूप से सदर ब्लाक प्रमुख आशीष मिश्रा, मैथा ब्लाक प्रमुख पति नीरज सिंह, युवा मोर्चा के शुभम शुक्ला के अलावा रविशशि दुबे, रामजी गुप्ता, कमलेश पांडेय, निखिल गौतम, देवमिलन सिंह, सतेंद्र सिंह, अखिलेश सिंह मौजूद रहे।
भंडारे में चखा प्रसाद
जिनई बनीपारा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जगह जगह भंडारे व प्रसाद वितरण किया गया। बनीपारा पीएनबी बैंक के पास किकर पांडे, पुतुआ तिवारी सहित अन्य लोगों ने राहगीरों को भंडारा खिलाया। वहीं भट्ठा के पास पूर्व प्रधान विनोद सिंह ने टेंट पंडाल लगाकर प्रसाद वितरित किया। इसी प्रकार तिगाई जिला पंचायत सदस्य निखिल गौतम ने शिवजीत, बउआ आदि साथियों के साथ खीर, पूड़ी, सब्जी का प्रसाद श्रद्धालुओं को भेंट किया। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष रमा देवी व मैथा ब्लाक प्रमुख अनुपमा सिंह, नीरज सिंह, अनुराग भट्ट ने शिवरात्रि उपवास रखे लोगो के लिए मेवा खीर वितरित कराई। इसमें लोगों ने जयघोष के साथ प्रसाद ग्रहण किया।
टीले से पुलिस कर्मियों ने उतारने में की मदद
दर्शन के लिए मंदिर के पिछवाड़े ऊबड़ खाबड़ दुर्गम रास्ते से पहुंच रही महिलाओं और बच्चों के फिसलकर गिरने से कोई हादसा न हो जाए, इसके लिए एएसपी ने पुलिस कर्मियों व महिला पुलिस को भेजकर ऊंचाई में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला और फिर रास्ता को रोक कर तय रास्ते से आने दिया गया।
