आज 03.03.2022 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पखवारा की श्रंखला में सखी केंद्र के द्वारा लक्ष्मी पुरवा में महिला सशक्तिकरण विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें 11 क्षेत्रों की 95 महिलाओं ने हिस्सा लिया।
सखी केंद्र की महामंत्री नीलम चतुर्वेदी जी ने यह बताते हुए कि आज से 42 वर्ष पहले लक्ष्मी पुरवा का 56 सीटों का शौचालय सुंदरीकरण के नाम पर ध्वस्त कर दिया गया था। जिसके पुनर्निर्माण के आंदोलन के दौरान 18 वर्ष की उम्र में मुझे 33 महिलाओं के साथ 13 दिन के लिए कारागार में बंद कर दिया गया था। आज भी अपने हक अधिकारों, न्याय की बात हो या बुनियादी जरूरतों और सरकारी योजनाएं पाने की बात हो हमें सशक्त होना पड़ेगा अमित संगठित होकर शिद्दत से प्रयास करने होंगे।
माया कुरील जी ने कहा आज भी दलितों के साथ भेद, अंतर पूरे भाव के साथ किया जाता है इसलिए हमें साबित करना होगा कि हम शिक्षा व ज्ञान अर्जन करने की क्षेत्र में किसी से कम नहीं है ।
प्राची त्रिपाठी ने सुरक्षा नीति के बारे में बताते हुए यह कहा कि आपको अपने बच्चों को गुड टच बैड टच और सेक्स एजुकेशन जरूर देनी पड़ेगी ताकि उनका कोई यौन शोषण ना कर सके। साथ ही मानसिक रोगों के द्वारा भी शारीरिक रूप कैसे बन जाते हैं तब हमारी दिक्कतें पड़ती है इसलिए डिप्रेशन टेंशन और तमाम सारी मानसिक दिक्कतों को अगर हम पहले ही समझ कर उसे ठीक करने की कोशिश करते हैं तो हम बहुत सारी स्वास्थ्य से संबंधित दिक्कतों से अपने आप को बचा सकते हैं
माया सिंह जी ने सखी केंद्र की सभी गतिविधियों के बारे में बताया और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की महत्व के बारे में भी बताया।
प्रभावती जी ने संचालन किया और किरण तिवारी जी ने इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन किया था।
इस कार्यक्रम को ममता गुप्ता, मीणा प्रताप, कंचन शर्मा आदि ने संबोधित किया।


2022-03-03
