कानपुर के आवास विकास कल्याणपुर निवासी सृष्टि यादव भी यूक्रेन से अपने घर वापस आ गई है। अपने बीच सृष्टि को देखकर परिजनों में आंसुओं की धारा रह रह कर बह रही।
कानपुर रेलवे में कार्यालय अधीक्षक परिचालक विभाग में तैनात पिता अमरेंद्र यादव, मां रीता यादव, सृष्टि की बड़ी बहन सृष्टि को अपने साथ देख कर आंखों पर भरोसा नहीं कर पा रही हैं।अमरेंद्र यादव ने बताया कि सृष्टि 13 मार्च 2021 में यूक्रेन के डेनीप्रो मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की तैयारी करने गई थी। वहां के हालात बिगड़ने पर उन्होंने वापसी की फ्लाइट टिकट बुक करा दी थी। लेकिन लगातार वहां के हालत बिगड़ने पर बेटी वापस नहीं लौट पाई थी।
सृष्टि ने बताया कि वहां के हालात बद से बदतर हैं। 24 तारीख सुबह उनके मेडिकल यूनिवर्सिटी से 700 मीटर दूर सिटी सेंटर के पास एक ब्लास्ट हुआ।जिसके बाद वह सभी घबरा गए। जिसके बाद वहां के संचालकों ने यूनिवर्सिटी के नीचे बने बंकर में सभी छात्रों को भेज दिया। जहां सभी भूखे प्यासे रहे।
उन्हें आशा नहीं थी कि वह जिंदा भारत लौट पाएंगी। 26 तारीख को रेलवे स्टेशन गई लेकिन यूक्रेनी सेना के जवानों ने वहां से सिर्फ इंडियन को वापस कर दिया और बताया कि एंबेसी से उनके लिए कोई आर्डर नहीं आया है। जिसके बाद 28 फरवरी को सभी छात्रों ने एक बस अरेंज कर रोमानिया बॉर्डर बॉर्डर के लिए निकले। जहां 1 मार्च से 4 मार्च तक टेंट में दिन बिताए।
यूक्रेन से कानपुर लौटी छात्रा ने बताई अपनी आपबीती
अगले दिन सुकेवा एयरपोर्ट से ढाई सौ छात्रों ने भारत सरकार की मदद से फ्लाइट पकड़ी और दिल्ली पहुंचे। जहां सभी के परिजन पहले से मौजूद थे। अपनों को देखकर सभी लोग भावुक हो गए और एक दूसरे से गले मिलकर रोने लगे।
उनके पिता भी उन्हें लेने दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे
जिसके बाद वह शनिवार को अपने घर पहुंची। सृष्टि ने यूक्रेन में फसे भारतीयों छात्रों के परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि परिजन भारत सरकार पर भरोसा रखें जल्द ही उनके दिल के टुकड़े सकुशल वतन वापसी करेंगे।
2022-03-06
