दलित महिला संसद का आयोजन ‘‘खत्री धर्मशाला’’ लाल बंगले में

आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पखवारे की श्रंखला में दलित महिला संसद का आयोजन ‘‘खत्री धर्मशाला’’ लाल बंगले में किया गया। अपनी बस्तीओं से सेलेक्ट होकर 145 लीडर्स बहनों की उपस्थिति रही। सदन की कार्यवाही जन गण मन राष्ट्रीय गान से शुरू हुई। सबसे पहले प्रश्नकाल में यह तीन प्रश्न आए।
ऽ कोविड-19 की महामारी काल के दौरान शिक्षा में हुई अव्यवस्थाओं के कारण बच्चों की और खास तौर पर असंगठित व घरेलू कामगारों के बच्चों की पढ़ाई का बहुत ज्यादा नुकसान हो गया है राइट टू एजुकेशन भी ठीक से लागू नहीं हुआ है अतः अब शिक्षा की ठीक से व्यवस्था करने के लिए सरकार की क्या योजना है?
ऽ कोविड-19 की पहली लहर, दूसरी लहर और तीसरी लहर में बीमार हुए लोगों में से बहुत से लोग खासतौर पर जो बहुत गरीब सीमांत गरीब है, वह अभी भी ठीक से स्वस्थ नहीं हो पाए हैं। जिससे उनकी जीविकोपार्जन ठीक से ना होने के कारण उनके घर की आर्थिक व्यवस्था बहुत खराब हो गई है। उनके स्वास्थ्य और बेहतर जीविकोपार्जन के लिए सरकार के पास क्या योजना है?
ऽ इऱ् श्रम कार्ड के रजिस्ट्रेशन के बाद क्या और कैसे फायदे मिलेंगें?
जिनका जवाब सत्ता पक्ष के मंत्रियों ने दिया, लेकिन पक्ष विपक्ष ने उनकी ज्यादातर योजनाओं को सफेद हाथी यानी कि जमीनी स्तर पर बहुत कमजोर है ऐसा साबित किया और कहा कि दरअसल जमीनी स्तर पर लोगों को योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिल रहा है या मिल भी रहा है तो उन लोगों को मिल रहा है जो पहुंच वाले लोग हैं। दलितों को, खासतौर पर असंगठित मजदूरों और घरेलू कामगार बहनों को इनका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
महिलाओं से जुड़े बेरोजगारी, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिलाओं के ऊपर हर क्षेत्र में बढ़ती हिंसा को लेकर बहुत जबरदस्त तरीके से बातें हुई कई बार सत्ता और विपक्ष मे हल्की- फुल्की झड़पें भी हुई।
स्पीकर सदन अध्यक्ष के रूप में प्राची त्रिपाठी रही, अर्चना पांडे प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री प्रभावती, खाद्य आपूर्ति मंत्री पुष्पा तिवारी, माया सिंह स्वास्थ्य मंत्री, नाजिया कानून मंत्री के साथ पक्ष में 80 लोग रहे। विपक्ष में किरण तिवारी, माया कुरील, कंचन शर्मा, मीना प्रताप के साथ 65 लोगों ने विपक्ष में बहुत सशक्त तरह से अपनी बातों को रखा।
सखी केंद्र की महामंत्री नीलम चतुर्वेदी जी ने बताया की इस दलित महिला संसद का आयोजन इसलिए किया गया था ताकि जहां एक और महिलाएं अपनी जमीनी स्तर के मुद्दों को समझें और उन्हें रखना आए। वहीं दूसरी ओर सत्तापक्ष द्वारा अपने कार्यों को रखने से लोगों को सभी वर्तमान सरकारी योजनाओं आदि की जानकारी मिल सके। कार्यक्रम बहुत सफल रहा।
यह पूरे कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय दलित महिला शक्ति की अध्यक्ष माया कुरील जी ने और सखी केंद्र की माया सिंह जी ने मिलकर किया। पक्ष और विपक्ष के रूप में शहर के 30 क्षेत्रों से लोगों ने हिस्सा लिया था।

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