बसपा का अतिविश्वास बना घातक

बसपा सुप्रीमो मायावती यूपी में बहुमत की सरकार बनाने का दावा कर रही थीं। लेकिन वह भी कांग्रेस की तरह गलती कर बैठीं। जहां बीजेपी साल के 12 महीने चुनावी मोड में नजर आ रही थी, कांग्रेस भी बसपा की तरह चुनाव से कुछ महीने पहले एक्टिव हुई। मायावती का प्रदेश की जनता से ज्यादातर संपर्क ट्विटर के पोस्ट से हुआ। जिसका असर यह रहा कि पार्टी अपनी वर्तमान 19 सीटों को भी मुश्किल से ही बचाती नजर आ रही है।

बीजेपी ने भी झेल रही नुकसान
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव एग्जिट पोल 2022 से एक तस्वीर और साफ हो गई है कि भारतीय जनता पार्टी को भी नुकसान का सामना करना पड़ेगा। 2017 में बीजेपी गठबंधन ने 325 सीटों पर जीत दर्ज की थी। लेकिन इस बार उन्नाव रेप कांड, हाथरास कांड, लखीमपुर कांड, किसान, रोजगार और महंगाई का मुद्दा बीजेपी के लिए काफी मुसीबत भरा रहा। केंद्र से लेकर अन्य राज्यों के बीजेपी नेताओं को उत्तर प्रदेश में कैंप करना पड़ा। ताकि वह मतदाताओं का भरोसा वापस पा सके। टाइम्स नाउ वीटो के सर्वे में जो तस्वीर सामने आई है, उसमें बीजेपी गठबंधन को करीब 97 सीटों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। सर्वे के मुताबिक 2017 में 325 सीटों पर फतह हासिल करने वाला बीजेपी गठबंधन सारी ताकत लगाकर 225 सीटों पर सिमट गया है। हालांकि इंडिया टुडे एक्सिस ने बीजेपी को 288 से 326 सीटें दी हैं।

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