कानपुर देहात में सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर कार्यकर्ता मतगणना केंद्र अकबरपुर डिग्री कालेज के बाहर ईवीएम की निगरानी में डटे रहे। बुधवार को तो लाठी-डंडे लेकर सपा कार्यकर्ता पहुंच गए, इस पर पुलिस से उनकी जमकर बहस हुई। लाठी-डंडा लिए कार्य कर्ताओं को हटाने के बाद ही पुलिस ने उन्हें वहां खड़ा रहने दिया।
मंगलवार रात से ही कालेज के बाहर सपाई निगरानी में लगे हैं। हालांकि पहले से ही अधिकृत सपा एजेंट निगरानी में लगे ही हैं, लेकिन अखिलेश यादव के निर्देश के बाद कार्यकर्ता अधिक संख्या में कालेज के बाहर जुट गए हैं। बुधवार सुबह तक भी कार्यकर्ता डटे रहे। दोपहर में कुछ कार्यकर्ता लाठी व डंडा लेकर निगरानी को पहुंच गए। इस पर अकबरपुर थाना प्रभारी विनोद कुमार व पुलिस कर्मियों ने लाठी डंडे पर आपत्ति जताई तो सपाइयों से बहस होने लगी। दोनों तरफ से काफी बहस होने के बाद कोतवाल ने कहा कि डंडा व लाठी होगी तो कार्रवाई करनी पड़ेगी। इसके बाद वहां से लाठी डंडा लिए लोग चले गए तो मामला शांत हो सका। वहीं सपा प्रत्याशी नरेंद्रपाल मनु, डा. आरपी कुशवाहा व कमलेश दिवाकर भी वहां पहुंच गए। वह गेट पर पहुंच गए और अंदर जाने की बात कहने लगे तो पुलिस कर्मियों ने गेट बंद कर दिया और कहा कि बिना अनुमति पत्र के कोई भी परिसर के अंदर नहीं आ सकता है। इसके बाद वह बाहर से ही निगरानी में लग गए। पूरी रात कार्यकर्ता वहीं डटे रहे।
