गोरखपुर। खोराबार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के फार्मासिस्ट की पिटाई के मामले ने तूल पकड़ लिया। आरोपित पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे डाक्टर व स्वास्थ्यकर्मी कामकाज ठप कर धरने पर बैठ गए, जिसकी वजह से खोराबार क्षेत्र में स्थित आधा दर्जन स्वास्थ केंद्रों पर न तो दवा की सप्लाई हो सकी और न ही टीकाकरण। प्रसव के लिए आयी महिलाओं को भी लौटा दिया गया। स्वास्थकर्मियों की मांग है कि जब तक केस नहीं दर्ज होगा तब तक हड़ताल पर रहेंगे। इस मामले में अधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
घटना के विरोध में खोराबार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ ही सीएचसी शिवपुर, प्यासी एपीएचसी, बेलवार एपीएचसी, मिर्जापुर एपीएचसी, अमहिया एपीएचसी, पिपराइच अस्पताल व नंदानगर टीवी अस्पताल में के स्वास्थ्यकर्मियों ने कामकाज ठप कर दिया।मामले की जानकारी होते ही सीएमओ डा सुधाकर पांडेय, एडीएम वित्त राजेश सिंह, एसीएमओ एनके पांडेय, सीओ कोतवाली विमल कुमार सिंह, सीओ क्राइम वीपी सिंह पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। पीएचसी के सामने धरने पर बैठे फार्मासिस्ट आनंद प्रकाश सैनी ने दोपहर बाद डाक्टरों के साथ खोराबार थाने पहुंचकर पुलिसकर्मियों के खिलाफ तहरीर दी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोराबार के चिकित्सा प्रभारी डा. राजेश कुमार ने कहा कि सुबह से दोपहर तक काम बंद रहा। लेकिन इमरजेंसी सेवाएं चालू रहीं।
लालपुर टीकर गांव में गुरुवार रात पूर्व बीडीसी सदस्य रामलक्षन ने पुरानी रंजिश में राजगीर के दो बेटों को गोली मार दी, जिसमें एक की मौत हो गई।पुलिस ने आरोपित रामलक्षन व उसके चार बेटों को शुक्रवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। दोपहर बाद आरोपितों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने दारोगा व सिपाही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोराबार ले गए। जहां जल्दी स्वास्थ्य परीक्षण करने की बात को लेकर फार्मासिस्ट आनंद प्रकाश सैनी से विवाद हो गया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने फार्मासिस्ट को पीट दिया। इस दौरान बीच बचाव करने पहुंची डाक्टर पारूल उपाध्याय से भी बदसलूकी कर दी। देर रात एसएसपी दिनेश कुमार पी ने खोराबार थाने के दारोगा दयाशंकर यादव व सिपाही प्रभात को लाइन हाजिर कर दिया, लेकिन डाक्टर व कर्मचारी इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।
