महाप्रभु का प्रकटोत्सव फागुन पूर्णिमा (गौर पृर्णिमा) को भव्य रूप से मनाया गया

मैनावती मार्ग बिठूर स्थित इस्कॉन द्वारा श्री कृष्णचैतन्य महाप्रभु का प्रकटोत्सव फागुन पूर्णिमा (गौर पृर्णिमा) को भव्य रूप से मनाया गया , चैतन्य महाप्रभु का जन्म आज से लगभग 536 वर्ष पूर्व बंगाल में नवद्वीप (मायापुर धाम ) में हुआ था । शास्त्रों में चैतन्य महाप्रभु भगवान् कृष्ण के (इस कलियुग के युगावतार) के रूप में वर्णित किया गया है | चैतन्य महाप्रभु को उनकी उजली शारीरिक स्वर्ण कांति और दैवीय सुंदरता के कारण गौर सुन्दर या गौरहरि आदि नामों से जाना जाता है | चैतन्य महाप्रभु हरे कृष्ण आंदोलन के जनक है और कलियुग के कष्टों से पीड़ित आमजन समुदाय को राहत देने के लिए उन्होंने घर-घर जाकर हरिनाम संकीर्तन व् जप का प्रचार किया उन्होंने वैदिक शास्त्रों व भागवत पुराण के आधार पर सिद्ध किया की कलियुग में केवल “हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ” मंत्र का जप नियमित रूप से करने मात्र से सभी प्रकार के कष्टों ,दुखो ,मानसिक क्लेशो से व्यक्ति मुक्त हो जाता है और अंत समय में गोलोक प्राप्त करता है |
मंदिर परिसर में भव्य आयोजन में चैतन्य महाप्रभु व उनके मुख्य पार्षद नित्यानंद प्रभु के श्रीविग्रहो का 108 कलशों द्वारा महाभिषेक किया गया ,जिनमे विभिन्न फलों के रस,पंचामृत, पंचगव्य, सुगन्धित द्रव्यों आदि का प्रयोग हुआ ,इसके बाद पुष्प अभिषेक हुआ व गौर आरती गायी गयी | साथ ही भक्तों द्वारा दिनभर दिव्य हरिनाम संकीर्तन किया गया ,इस उल्लसित पर्व में हर उम्र वर्ग के भक्तो ने उत्साह पूर्वक भक्तिमय कीर्तन का आनंद लूटा , साथ ही नगर भर से आये भक्तो द्वारा लाये गए १००८ विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पण किया गया और बड़ी संख्या में आये भक्तो को प्रसाद वितरण किया गया |
इस विशेष अवसर पर इस्कॉन पुणे व दिल्ली से आए जनमानस को हरिनाम जप व कीर्तन के लिए प्रेरित किया ।उन्होंने अपने कर्त्तव्य पालन के साथ भक्तिमय जीवन जीने की शिक्षा दी, साथ ही उन्होंने बताया की यह कलियुग किसी भी जाति, धर्म ,सम्प्रदायों के लोगो के लिए सामान रूप से कष्ट देने वाला है। आचार्य भक्तिवेदांत स्वामी श्रील प्रभुपाद ने चैतन्य महाप्रभु द्वारा चलाये गए इस “हरे कृष्ण आंदोलन” को ध्यान में रखकर ही इस्कॉन की स्थापना की जो की विश्व कल्याण के लिए बिना किसी भेदभाव के “हरिनाम संकीर्तन “को घर घर पहुँचाने हेतु प्रयास कर रहा है |

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