द कश्मीरी फाइल को लेके शहर भर में विवाद बना हुआ है । जिसमे शहर और अपने मन की गंगा जमुना तहजीब और संप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की हर एक मुमकिन कोशिश की जा रही है । दी कश्मीरी फाइल उनमान को बढ़ावा देने वाली और राजनीतिक आकांक्षाओं की पूर्ति हेतु तथ्यों पर आधे से ज्यादा झूठ पर आधारित और एक विशेष राजनीतिक दल को खुश करने के लिए एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है । जिसमे आपसी भाईचारा सद्भाव बिगड़ता दिख रहा है जिस तरह का माहौल तैयार किया जा रहा है वह गंभीर चिंता का विषय है आज जहां कहीं भी कानपुर शहर में यह फिल्म लगी हुई है और जो दर्शक फिल्म देखकर सिनेमा घरों से बाहर आ रहे हैं उनकी प्रतिक्रिया किसी भी समय समुदाय विशेष और समाज के लिए उग्र हो सकती है और कोई भी घटना फसाद का रूप ले सकती है ।
इस पर कानपुर के रहने वाले भूतपूर्व कैबिनेट मंत्री अब्दुल रहमान खान नश्तर ने चमन गंज थाने में अपने देश और उनकी खुशहाली के लिए ऐसी घटिया सोच वाली फिल्मों और उनसे जुड़े निर्माता-निर्देशक और कलाकारों का बहिष्कार करते हुए इन्हें सख्त धाराओं पर मुकदमा दर्ज कराकर सजा दिलाने की अपील की । जो समाज को और धर्म विशेष को बाटकर निशाना बनाकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने का काम कर रहे है ।
