नर्वल पुलिस का अजब खेल, तीन दिन तक लूट की वारदात को दबाए रही
Mon, 21 Mar 2022
कानपुर में नर्वल पुलिस लुटेरे से भी शातिर निकली। तीन दिन पहले हुई लूट की घटना को हजम कर गई। लुटेरे को गिरफ्तार करने के बाद भी अवैध असलहा रखने व चोरी के मोबाइल बरामदगी की साधारण धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया।
नर्वल अखरी निवासी गुजरात के अहमदाबाद में प्राइवेट कर्मी मोहित साहू होली की छुट्टी पर घर आए थे। मोहित शुक्रवार दोपहर पत्नी अर्चना को साथ लेकर अपनी ससुराल जा रहे थे। मडि़लवां पेट्रोल पंप पर जब वह पेट्रोल डलवा कर निकले तो एक बाइक सवार पीछा करने लगा। मोहित ने बताया कि थरेपार पुल के पास पीछे से आए बाइक सवार ने ओवरटेक कर टक्कर मार दी। दंपती बाइक से नीचे गिर गए। आरोपित अर्चना का पर्स छीनकर बाइक से फरार हो गया। पर्स में दस हजार रुपये व एक महंगा मोबाइल फोन था।
पीडि़त दंपती ने नर्वल थाने पहुंच कर तहरीर दी लेकिन पुलिस मुकदमा दर्ज न कर पूरी घटना को ही हजम कर गई। दंपती की शिकायत के बाद नर्वल पुलिस ने मडि़लवां पेट्रोल पंप पर मिले सीसीटीवी फुटेज के आधार पर नर्वल नसड़ा निवासी आरोपित दिग्विजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित की गिरफ्तारी के बावजूद उसको बचाने में नर्वल पुलिस ने खुद बड़ा अपराध कर डाला। लूट की घटना को छिपा लुटेरे के पास से केवल अवैध असलहा व चोरी के मोबाइल बरामदगी की बात दिखाकर मामूली धाराओं में जेल भेज दिया। मीडिया में मामला सामने आने पर पुलिस अपने को बचाने में जुट गई।
नर्वल इंस्पेक्टर जेके शर्मा ने बताया कि मुकदमा लिखा जा रहा है। तीन दिन तक लूट का मुकदमा न लिखे जाने की बात पर उन्होंने कहा कि लुटेरे की पहचान की जा रही थी, लेकिन ये भी बताया कि अवैध असलहा व चोरी के मोबाइल रखने वाले आरोपित दिग्विजय सिंह ने ही लूट की थी। जब ये पूछा गया कि जब लूट का आरोपित था तो लूट की बजाय साधारण धाराओं में क्यों आरोपित को जेल भेजा उसका जवाब थाना प्रभारी नहीं दे सके।
