रूरा थाना क्षेत्र के भौंरा बंजारन डेरा गांव में घटना के तीन दिन बाद गांव में कुछ सन्नाटा टूटा है। महिलाएं दरवाजों में बैठकर घटना के बाबत चर्चा करते हुए यह इस चिता में डूबी है कि कहीं पुलिस मनमाने ढंग से निर्दोषों के नाम न खींच लें। वहीं पुलिस बल गांव में तैनात है साथ ही दबिश भी चल रही।
तीन दिन पहले गांव में दो युवाओं के गुटों में हुए विवाद के बाद पुलिस पहुंची थी जिसमें पथराव से दो सिपाही घायल हो गए थे।पुलिस पर हमला करने के मामले नामजद 177 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया। उन्हें दबोचने के लिये तीसरे दिन गिरफ्तारी में पुलिस के हाथ खाली रही। बुधवार को गांव में बच्चे खेलते दिखे जबकि कुछ लोग खेतों के काम के लिए जाते दिखे जबकि घरों के अधिकांश पुरुषों के गायब होने से महिलाएं चितित हैं। ग्राम प्रधान कृष्ण कुमार पांडेय ने बताया कि घटना वाले दिन उपद्रव को लेकर पुलिस के फोन पर वह रूरा स्थित आवास से काम कर रहे कुछ नायक समाज के लोगों को गांव ले जाकर उपद्रवियों को शांत कराने में मदद की थी लेकिन मुकदमे में उन्हीं लोगों के नाम आने पर नाराजगी जताई है और निर्दोष को बचाने के लिए अधिकारियों से गुहार लगाई है। थानाध्यक्ष अनूप कुमार निगम ने बताया कि मामले में गहनता से छानबीन की जा रही है निर्दोष होने के पर्याप्त साक्ष्य सबूत मिलने पर नाम सुधार किया जाएगा।
