कानपुर 26 मार्च । मकान नम्बर 63/59 हरबंश मोहाल निवासिनी रीता जायसवाल ने कानपुर प्रेसक्लब में वार्ता के दौरान बताया कि वह एक गरीब , मेहनत-मजदूरी करके अपना जीवन यापन करने वाली सीधी-सादी महिला है, जो अकेले ही उपरोक्त घर में रहती है।
उसके अनुसार इसी मकान में अवैध रूप से काबिज़ दबंग और अपराधिक किस्म के लोग- पप्पू जायसवाल, गप्पू जायसवाल, अम्न, नमन, रोहन व उसका भांजा आयुष, पप्पू की पत्नी श्रीमती बेला तथा पड़ोस के गणेश बाजपेयी, देवेश बाजपेयी, और उनके आपराधिक साथी मिल कर घर में घुस आए मारपीट करने लगे, बुरी-बुरी गालियां देने लगे हमारा सामान लूट लिया और कहने लगे यह घर छोड़ कर जितनी जल्दी हो सके छोड़ कर चली जाओ , नहीं तो हम सब मिल कर तुम्हें जान से मार देंगें।
प्रर्थिनी को इतने बुरी तरह मारा गया कि उसे पुलिस द्वारा बेहोशी की हालत में हैलट में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने प्राथमिक सूचना तो दर्ज़ कर ली परन्तु आजतक कोई भी कार्रवाई नहीं की क्योंकि एक आरोपी स्वयं दरोगा है।
प्रर्थिनी चाहती है कि उसका मुकदमा कायम कर अभ्युक्तों को जेल भेजा जाय, उसका पूरा सामान दिलाया जाय तथा घर से उन सबका कब्जा हटवाया जाय।
मेरी जान को ख़तरा है, यदि कुछ मेरे साथ घटित होता है तो ये सभी लोग ज़िम्मेदार होंगे, यदि न्याय न मिला तो पुलिस ऑफिस के सामने मिट्टी का तेल डालकर आत्महत्या कर लूंगी।

2022-03-26
