योगी सरकार 2.0 के मंत्रिमंडल के गठन के बाद सूबे के कद्दावर नेताओं में शुमार सतीश महाना ने चुप्पी साध ली है. मंत्रिमंडल में जगह न मिलने के बाद महाना समर्थक निराश हैं. घर और कार्यालय के बाहर सन्नाटा है. इन सबके बीच सतीश महाना ने फिलहाल सोशल मीडिया से भी दूरी बना ली है.
योगी सरकार 2.0 के गठन में पहली बार कानपुर का कोई तवज्जो नहीं दी गई. नगर विकास राज्य मंत्री और औद्योगिक विकास मंत्री जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को संभाल चुके सतीश महाना को इस बार भाजपा ने योगी मंत्रिमंडल में जगह न देकर हर किसी को चौंका दिया. राजनीतिक विश्लेषक भी इसको लेकर हैरान दिखे और मंत्रिमंडल में जातीय गणित हावी रहने की बात कही. इन सबके बीच अब सियासी गलियारों में महाना को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा जोरों पर है. हालांकि, अभी इसकी अधिकाधिक पुष्टि नहीं हो पायी है. महाना को लोकसभा चुनाव में उतारने की भी कयास शुरू हो गए हैं. इन सबके बीच फिलहाल सतीश महाना चुप्पी साध ली है.
आमतौर पर सतीश महाना सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं. पीएम मोदी से लेकर सीएम योगी से जुड़ी हर पोस्ट को वह रीट्वीट जरूर करते हैं लेकिन फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया हैंडल से महाना ने अब दूरी बना ली है. फेसबुक पर महाना की आखिरी पोस्ट 24 मार्च की है, जब योगी आदित्यनाथ को विधायक दल का नेता चुना गया था. ट्विटर पर भी महाना की आखिरी पोस्ट 24 मार्च की है, इसमें जब योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा पेश करने गए थे, उसको लेकर योगी आदित्यनाथ के ट्वीट को महाना ने रीट्वीट किया था. इसके बाद से महाना, सोशल मीडिया से दूर हो गए हैं.
वजह चाहें कुछ भी हों लेकिन सोशल मीडिय पर योगी सरकार शपथ ग्रहण को लेकर भी उन्होंने कोई पोस्ट नहीं की. यहां तक योगी आदित्यनाथ के सीएम पद की शपथ लेने से लेकर उनके मंत्रिमंडल में शामिल चेहरों को लेकर बधाई संबंधी उनकी कोई भी पोस्ट नहीं आयी. इसको लेकर भी चर्चाएं जोरों पर हैं.
2022-03-26
