हथकड़ी खोलकर अस्पताल से भागा इटावा का कैदी, अभिरक्षा में तैनात सिपाही भी लापता
Tue, 05 Apr 2022
फर्रुखाबाद की फतेहगढ़ की जेल से इलाज के लिए कानपुर लाया गया इटावा का कैदी हथकड़ी खोलकर अस्पताल से फरार हो गया। उसके फरार होने पर अभिरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों के होश उड़ गए। मामला संज्ञान में आने के बाद स्वरूप नगर थाना पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की है और आसपास के सभी थानों में उसका हुलिया भी भेज दिया है।
इटावा के इकदिल के ग्राम जगन्नाथपुर का रहने वाला वीरेंद्र को डकैती के मामले में गिरफ्तार करने के बाद जेल भेजा गया था। वर्ष 2012 में दर्ज डकैती के मुकदमे की सुनवाई के बाद अदालत ने वर्ष 2019 में अभियुक्त वीरेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से वह फर्रुखाबाद सेंट्रल जेल में था। 31 मार्च को उसे इलाज के लिए जेल वार्डन प्रदीप सिंह व पुलिस सिपाही विजय प्रकाश व सिपाही संजू यादव अभिरक्षा में कानपुर एलएलआर अस्पताल लेकर आए थे।
उसे अस्पताल के वार्ड नंबर 11 के बेड नंबर 28 में भर्ती किया गया था। सोमवार की आधी रात करीब 1:30 बजे वीरेंद्र हथकड़ी खोलकर फरार हो गया। अस्पताल के वार्ड बॉय अशोक ने बेड खाली देखा तो पुलिस कर्मियों को सूचना दी। घटना के समय अभिरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी सो रहे थे। पुलिस कर्मियों के सोने का फायदा उठाकर वीरेंद्र फरार हो गया। वीरेंद्र को पेट में दर्द के चलते भर्ती कराया गया था और उसके मलद्वार में भी सूजन थी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटना के बाद से अभिरक्षा में तैनात जेल पुलिस के दोनों सिपाही लापता हैं। घटना की सूचना फर्रुखाबाद पुलिस और सेंट्रल जेल को दी गई है। एसीपी स्वरूप नगर ब्रज नारायण सिंह ने बताया कि वीरेंद्र सिंह डकैती के मामले में कैदी था। अबतक की जांच में सामने आ रहा है कि सिपाहियों ने कैदी को हथकड़ी नहीं लगाई थी और रात को कैदी के बगल वाले बेड में लेटे सिपाही भी सो गए। मौके का फायदा उठाकर वीरेंद्र फरार हो गया पुलिस मान रही है कि इसमें अन्य लोग भी शामिल है।
पुलिस का गांव में छापा
फर्रुखाबाद जेल से भागे कैदी विजय लोधी की तलाश में पुलिस ने उसके गांव जगन्नाथपुर में छापा मारा है। पुलिस ने उसके घर में ताला लगा मिला। पास के ही गांव बालमपुर से भांजे जगदीश से पुलिस की पूछताछ जारी है।
