कानपुर में नाला सफाई का खाका तक नहीं तैयार, ढ़ाई माह बाद होगा मानसून का आगमन
Tue, 05 Apr 2022
कानपुर के नालों की सफाई में ढिलाई हर बार बारिश के दौर में शहर के लिए मुसीबत का सबब बनती है लेकिन महकमा इससे सबक नहीं लेता। इस बार भी अफसर आराम फरमा रहे हैं। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक अपने हिस्से के 2485 नालों की सफाई का कोई खाका तक तैयार नहीं किया, जबकि ढाई माह बाद मानसून का दौर शुरू हो जाएगा। ऐसे में शहर को फिर से जल भराव की समस्या से दो चार होना पड़ेगा। हालांकि, अभियंत्रण विभाग ने 159 नालों की सफाई के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये से टेंडर करा दिए हैं। आचार संहिता खत्म होने के बाद कार्य भी शुरू हो जाएगा।
तीन मीटर से नीचे के नालों की सफाई का है जिम्मा
शहर में तीन मीटर से ऊपर के नाले अभियंत्रण विभाग साफ कराता है जबकि तीन मीटर से नीचे के नालों की सफाई की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की है। नाले गंदगी से पटे पड़े है। 12 अप्रैल तक चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण विकास कार्य रुके हैं। इसके बाद काम शुरू होंगे। नाला सफाई हर हाल में 15 जून तक पूरी करनी है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग खाका तैयार करेगा तो जल्द सफाई नहीं शुरू हो पाएगी। यह ढिलाई शहर के लिए भारी पड़ सकती है।
…तो हर रोज 42 नालों की करनी होगी सफाई
स्वास्थ्य विभाग के हिस्से में 2485 नाले हैं। इन नालों की सफाई के लिए 12 अप्रैल से 15 जून तक का समय विभाग के पास होगा। ऐसे में विभाग को हर रोज 42 नालों की सफाई करनी होगी, जोकि बड़ी चुनौती है।
कितने कर्मचारी की जरूरत, मांगा ब्योरा
नगर आयुक्त शिव शरणप्पा जीएन ने आदेश दिए हैं कि हर हाल में चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद नालों की सफाई शुरू कर दी जाए। वहीं, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. अजय संखवार ने सभी जोनल स्वास्थ्य अफसरों को आदेश दिए हैं कि हर नाले की सफाई का खाका तैयार कर बताएं कि किस नाले की सफाई पर कितने कर्मचारी की जरूरत है।
फिर पुराने ठेकेदारों को काम देने की तैयारी
नालों की सफाई में गड़बड़ी की भी तैयारी है। नगर निगम में एक काकस पुराने ठेकेदार को काम देने की तैयारी में जुट गया है, जिसका पहले ही भुगतान रोका जा चुका है। यह काकस नाला सफाई का पुराना भुगतान कराने में जुटा हुआ है।
