कानपुर शहर के मुख्य चौराहे रामादेवी पर ऑटो, टेंपो, ई- रिक्शा चालकों का कब्जा है। कब्जा हो भी क्यों नहीं, वहां खड़े रहने के लिए ट्रैफिक पुलिस के साथ थाना पुलिस की जेब जो गर्म की है। जब तक सवारियां नहीं मिल जातीं तब तक वाहन चौराहा घेरकर ही खड़े रहते हैं, चाहे पीछे कितना भी लंबा जाम क्यों न लगा हो। हॉर्न पर हॉर्न बजता रहता है, लेकिन अराजकता फैलाने वाले वाहन टस से मस नहीं होते।
रास्ता न देने से चौराहा हर वक्त जाम की चपेट में रहता है। अमर उजाला की पड़ताल में रामादेवी चौराहे पर ऑटो, टेंपो, ई-रिक्शा चालकों का ही कब्जा दिखा। बची हुई सड़क पर ठेले वालों ने कब्जा जमा रखा है। यहां जाम की वजह बन चुके अवैध टेंपो स्टैंड के खिलाफ पुलिस, परिवहन और ट्रैफिक विभाग तक कोई कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठा रहा है। पड़ताल में सामने आया कि जिम्मेदारों की जेब गर्म करने के चलते टेंपो चालक बेखौफ होकर मनमानी करते हैं
चकेरी थाना पुलिस, सत्ता पक्ष का एक नेता और अवैध स्टैंड माफिया के गठजोड़ से रामादेवी चौराहे पर ही अवैध स्टैंड का संचालन होता है। चौराहे से सवारियां भरने के लिए वाहन चालकों को रोज 20 से 50 रुपये टोकन देने पड़ते हैं। इसके लिए चकेरी थाने में तैनात दरोगा ने चार पंटरों यानि वसूली करने वालों को तैनात किया है।
नौबस्ता रूट, झकरकटी, फतेह पुर रूट व लखनऊ रूट के लिए अलग-अलग लोग वसूली की जिम्मेदारी संभालते हैं। यहां करीब 300 ऑटो टेंपो, ई-रिक्शा व वैन का संचालन होता है। ऐसे में रोजाना लाखों रुपये की वसूली होती है। वसूली का एक हिस्सा चकेरी पुलिस तक पहुंचने के कारण वाहन चालक अराजकता फैलाते हैं। यदि किसी वाहन सवार ने विरोध किया तो मारपीट करते हैं।
रेट लिस्ट
मारुति वैन, एक हजार प्रतिमाह
ऑटो 30 रुपये प्रति चक्कर
टेंपो 20 रुपये प्रति चक्कर
ई-रिक्शा 10 रुपये प्रति चक्कर
फल ठेला सड़क पर 50, किनारे 30 रुपये
बता दें कि कानपुर शहर के अन्य चौराहों की भी कुछ ऐसी ही स्थिति है। रामादेवी चौराहे की ड्यूटी पर लगाए गए टीएसआई सुनील पाठक नदारद थे। थाने के बगल में ही ऑटो, टेंपो, ई-रिक्शा चालकों की भरमार रही। चालक बीच सड़क पर सवारियां बैठाते और उतारते नजर आए। बाकी जो जगह बची थी उसपर ठेले वालों ने कब्जा कर रखा था, जिससे चलते जाम की स्थिति बनी रही।
वहीं, विधायक सतीश महाना ने लाखों रुपये खर्च कर वर्ष 2020 में लाल बंगला मार्केट का सुंदरी करण कराया था। लेकिन वह भी अतिक्रमण के भेंट चढ़ गया। फुटपाथ से लेकर सड़क पर हुए कब्जे के चलते पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं इस संबंध में ठेले वालों ने बताया कि दुकान मालिक दुकान के बाहर ठेला लगाने के एवज में उनसे प्रतिदिन 300 से 400 रुपये लेते हैं।
इसके अलावा जाजमऊ चौराहे पर भी स्टैंड माफिया का बोल बाला है। जाजमऊ से मर्चेंट चैंबर जाने वाली रोड पर जगह जगह ऑटो, टेंपो और ई-रिक्शा चालकों का अवैध स्टैंड बना हुआ है, जिसकी वसूली एक सिपाही का भाई करता है। रुपये न देने पर चौकी में शिकायत कर उनकी गाड़ी बंद अथवा चालान करा दिया जाता है।
