निष्प्रयोज्य लाकर तोड़े जाने के दौरान चोरी हुए जेवरात

निष्प्रयोज्य लाकर तोड़े जाने के दौरान चोरी हुए जेवरात, खोलने के लिए ड्रिल मशीन का हुआ प्रयोग
Thu, 07 Apr 2022
कानपुर की सेंट्रल बैंक के लाकर रूम में हुई चोरो में फोरेंसिक विभाग की शुरुआती रिपोर्ट में यह माना जा रहा है कि पूरा खेल बैंक कर्मचारियों और लाकर कर्मचारियों की मिलीभगत से हुआ। निष्प्रयोज्य लाकर तोडऩे के दौरान मिली भगत करके अन्य लाकरों को भी निशाना बनाया गया। फिलहाल फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस जल्द ही संदिग्धों की धरपकड़ शुरू कर सकती है, ताकि राजफाश किया जा सके।

बुधवार को फोरेंसिक टीम के विशेषज्ञों ने दोबारा सेंट्रल बैंक के लाकर रूम का निरीक्षण किया। करीब दो घंटे तक टीम ने बारीकी से परीक्षण किया। इसके बाद विशेषज्ञों ने अपनी शुरूआती रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी। रिपोर्ट बेहद चौंकाने वाली है। इसके मुताबिक लाकर में सबसे ऊपर स्टील की प्लेट होती है, जिसे आसानी से हटाया जा सकता है। इस प्लेट के पीछे कई स्क्रू लगे होते हैं, जो ताले से संबंधित हैं। साक्ष्यों के मुताबिक ड्रिल मशीन से इन्हें आसानी से तोड़ा जा सकता है। स्क्रू टूटते ही लाकर खुल जाएगा। इसीलिए केवल उन्हीं लाकरों में चोरी की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें चाबी नहीं लगी, क्योंकि स्क्रू काटते हुए ताले की सेटिंग बिगड़ गई होगी। यही वजह है कि हर मामले में लाकर से स्क्रू टूटे मिल रहे हैं। फोरेंसिक टीम ने आशंका जताई है कि पूर्व में जब भी निष्प्रयोज्य लाकर खोले गए होंगे, उसी दौरान ड्रिल मशीन लाकर रूम ले जाई गई। मिलीभगत करके घटना की गई।

सात महीने के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे, डीवीआर ली

फोरेंसिक टीम ने इस आंशका को देखते हुए लाकर रूम के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग कब्जे में ली है। पहली पीडि़त मंजू भट्टाचार्य ने आखिरी बार 18 अक्टूबर 2021 को लाकर खोला था तब जेवर थे यानी चोरी इसके बाद हुई। इसीलिए 18 अक्टूबर के बाद के एक-एक दिन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। लाकर रूम में जाने वाले, एक-एक व्यक्ति की शिनाख्त कर पूछताछ होगी। अनुमान है कि चोर इनमें ही शामिल होगा। अगर ड्रिल मशीन लिए कोई दिखा तो मामला जल्द खुल जाएगा।

507 लाकर में 220 अभी भी निष्प्रयोच्य

सेंट्रल बैंक की कराचीखाना शाखा में 1050 लाकर हैं। इनमें से केवल 507 लाकर किराए पर उठे हैं। 14 मार्च को पहले घटना सामने आने के बाद से 4 अप्रैल तक 92 लाकर खोले गए, मंगल वार को 57 तो बुधवार को कुल 62 लाकर खोले गए। इस तरह से 211 लाकर खोले जा चुके हैं, जिसमें नौ लाकर में चोरी की घटनाएं हुईं। 220 लाकर सालों से निष्प्रयोज्य पड़े हैं। यानी पांच से 10 सालों में इन्हें कोई देखने नहीं आया और इनका किराया भी जमा नहीं है। ऐसे ही निष्प्रयोज्य लाकर आरबीआइ की गाइडलाइन के आधार पर पूर्व में तोड़े जा चुके हैं।

बोले जिम्मेदार:

पूर्व में बैैंक में निष्प्रयोज्य लाकर तोडऩे का मामला प्रकाश में आया है। इस दिशा में भी जांच की जा रही है कि उसी दौरान तो लाकरों से छेड़छाड़ तो नहीं की गई। – प्रमोद कुमार, डीसीपी पूर्वी

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