कानपुर की घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के बम्बुराहा गांव में गुरुवार सुबह करीब पौने 11 बजे लगी आग से 50 बीघा गेहूं और तीन बीघा चना की फसल जल गई। आग बुझाने में पिता-पुत्र झुलस भी गए, जिन्हें घाटमपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों के मुताबिक हाईटेंशन लाइन की चपेट में पक्षी आ जाने से हुई स्पार्किंग से आग लगी है। दमकल की गाडिय़ों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया है।
बम्बुराहा गांव निवासी हरिविजय सिंह ने बताया कि गुरुवार दोपहर हाईटेंशन लाइन की चपेट में किसी पक्षी के आ जाने से तारों में स्पार्किंग हुई। इसके बाद चिंगारी से नीचे खड़ी गेहूं की की फसल में आग लग गई। देखते-ही देखते आग विकराल हो गई। तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। इसके बाद ग्रामीण डंडों और झाड़ के माध्यम से आग बुझाने में लग गए। हरिविजय भी अपने बेटे अंकित सेंगर के साथ ट्रैक्टर लेकर खेतों में बीच में खंती काटने लगे ताकि आग आगे न बढ़ सके। इसी दौरान तेज आग की चपेट में आने से वह और उसका बेटा झुलस गए। दोनों को घाटमपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
आग लगने से विष्णुकुमार सिंह व कृष्णकुमार की 10-10 बीघा गेहूं की फसल, उदयवीर सिंह उर्फ फुस्सन, सुषमा, प्रकाश नारायण, हिमाचल, शिवकुमार, उदय नारायण, धरमपाल, सूबेदार, कुलदीप सिंह, वंशगोपाल और शिवगोपाल की कुल 50 बीघा से ज्यादा फसल जलकर राख हो गई। दमकल की गाडिय़ों ने जबतक पहुंचकर आग बुझाई, तब तक किसानों का लाखों का नुकसान हो चुका था। घटना के बाद नायब तहसीलदार अतुल हर्ष ने लेखपाल के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की। एसडीएम आयुष चौधरी ने बताया कि राजस्व टीम के आकलन में 9,50,000 रुपये की कीमत के अनाज की क्षति हुई है। किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा।
फसल जलती देख किसान बेहोश हुआ
आग से फसल जलती देख विष्णु कुमार का बटाईदार शिवपाल कुशवाहा बेहोश हो गए। शिवपाल गुरुवार को हार्वेस्टर से फसल काट रहे थे। फसल कटना शुरू ही हुई थी कि आग लग गई। अनाज घर आने से पहले ही उसे जलता देख शिवपाल बेहोश हो गए। तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहीं, धर्मपाल की तीन बीघा चना की फसल कटी पड़ी थी और मड़ाई का काम हो रहा था। आग से वह भी चल गई।
दमकल की गाडिय़ों के देर से पहुंचने पर ग्रामीण नाराज
बम्बुराहा और भेलसा में सूचना के बाद भी दमकल की गाडिय़ों के देरी से पहुंचने पर लोग नाराज रहे। बम्बुराहा के ग्रामीणों के मुताबिक सूचना के दो घंटे बाद दमकल की गाड़ी पहुंची, जिससे आग विकराल हो गई और 50 बीघा से ज्यादा फसल जल गई।
खेतों में पानी भरकर जोताई करके रोकी आग
आग का विकराल रूप देखकर राजस्व टीम और ग्रामीणों ने आग को रोकने के लिए तरकीब निकली। जहां आग लगी थी उसके आसपास नलकूपों और अन्य साधनों के जरिए खेतों में पानी भरा गया और फिर जोताई शुरू कर दी गई। इससे आग दूसरों खेतों की पहुंच से दूर हो गई और बढ़ नहीं पाई। बाद में फायर ब्रिगेड में जलती हुई आग बुझा दी।
