झींझक l भारी वाहनों के आवागमन से झींझक के नासरसेड़ा अंडरपास रोड पर बनी पुलिया टूट गई है। सुरक्षा के मद्देनजर सिंचाई विभाग ने चार पहिया वाहनों पर पूर्णतया रोक लगाते हुए लोहे का ऐंगल लगवा दिया है। नहरपुल झींझक जाने के लिए लोगों को 12 किलोमीटर का चक्कर चलाना पड़ेगा।
ओबरब्रिज निर्माण के चलते
झींझक रेलवे फाटक बंद कर दिया गया था और खानपुर रोड होते हुए नासरसेड़ा अंडरपास से छोटे वाहनों को गुजारा जा रहा था। अंडरपास रोड पर बनी बंबे की पुलिया से रोक के बाद लगातार ट्रकों का आवागमन होने से पुलिया दो दिन पूर्व टूट गयी थी। गुरुवार को उत्तर मध्य रेलवे सलाहकार समिति सदस्य श्याम मोहन दुबे ने सिंचाई अधिकारियों और पुलिस से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने की मांग की थी। शुक्रवार को जेई सिंचाई अरविंद यादव ने टूटी पुलिया के दोनों तरफ ऐंगल लगाकर चार पहिया वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी है। मंगलपुर की तरफ से आने वाले चार पहिया वाहन अब नहरपुल जाने के लिए कंचौसी रोड से होते हुए 12 किलोमीटर चक्कर काट कर आना पड़ेगा। झींझक के मुकुल शुक्ला, अजय सिंह गौर ने बताया कि दिन में कई बार रेलवे लाइन पार करनी पड़ती है। पुलिया टूटने से समस्या होगी 12 किलोमीटर का चक्कर काटने से बचने को अब पैदल ही आना- जाना पड़ेगा। जेई सिंचाई अरविंद यादव ने बताया की खतरे को देखते हुए आवागमन रोका गया है। बजट मिलने पर नई पुलिया का निर्माण कराया जाएगा।
