भगवान असुरता के विनाश के लिए जन्म लेते हैं…!
भगवान राम ने अधर्म के विनाश, और धर्म की स्थापना के लिए जन्म लिया।
जिनके हृदय में अनीति अन्याय अत्याचार दूर करने के
विचार आते हैं।
जो समाज में सुख शांति सद्भाव स्थापित करने के लिए लालायित रहते हैं.. …समझना चाहिए ,
उनके ह्रदय में भगवान की ज्योति जगमगा रही है।
जो जितना तीव्र गति से …
अनीति अन्याय दूर करने सक्रिय होता है ,
उसके हृदय में उतनी तेज भगवान की ज्योति
देखी जा सकती है ।
रामनवमी राम का जन्म मनाने का उद्देश्य
यही है कि…हम राम के पद चिन्हों पर चलें और समाज में कहीं भी अन्याय नीति अत्याचार पनपने ना दें।
भारत भूमि पर 24 अवतार हुए..
जिनमें प्रमुख 10 माने गए और उसमें भी राम और कृष्ण अवतार की चर्चा ज्यादा होती है ।
जगह-जगह राम लीला कृष्ण लीला होती है।
इन्हीं की कथाएं होती हैं ।
मंदिरों में इन्हीं की स्थापना अधिक है ।
इन दोनों का व्यक्तित्व कृतित्व शिक्षण और विशेषताओं से भरा है , जिनके आधार पर मानव जीवन को समुन्नत विकसित कर
महत्वपूर्ण किया जा सकता है श्रेष्ठ मार्ग पर चलने की प्रेरणा.
मर्यादा का पालन करना ,
अपने कर्तव्य पर अडिग रहना ,
व्यवहार में मधुरता सौजन्य आत्मीयता औरअनीति के विरुद्ध प्रबल संघर्ष ,
पिता को दिए गए वचन को …
निष्ठा पूर्वक प्रसन्नता से स्वीकारना आदि
कई ऐसे प्रेरक प्रसंग है..जो पग पग पर जनता को प्रेरित करते हैं श्रेष्ठ मार्ग पर चलने के लिए ।
घर- घर पूज्य बना दिया .राम जन्म से लेकर लीला समाप्ति तक …
अपनी लीला को मर्यादा पूर्वक आदर्शवादी ढंग से पूर्ण करते रहे। राम ने पिता को दिए वचन निभाने के लिए …वन-वन घूमना घूम कर जो कष्ट सहे ..उनने राम को घर घर में पूजा बना दिया ।
