नवरात्र की अष्टमी पर कानपुर के कई स्थानों से श्रद्धालुओं ने जवारे जुलूस निकाले। जिसकी पूर्व सूचना कमिश्नरी के बड़े अफसरों के साथ ट्रैफिक पुलिस को थी। इसके बावजूद न तो रूटों पर ट्रैफिक डायवर्जन किया गया न ही वैकल्पिक रास्ते बनाए गए। जिसका नतीजा रहा कि शनिवार शाम कानपुर जाम की चपेट में आ गया।
चौपट ट्रैफिक व्यवस्था का खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ा। दरअसल, जवारा दोपहर 4.30 बजे के बाद निकलना शुरू हुआ जो देर रात तक किदवई नगर स्थित बारा देवी पर जाते रहे। इस कारण जरीब चौकी, फजलगंज, गोविंदनगर, परमपुरवा और जूही डिपो में जाम के हालात बने रहे।
ट्रैफिक पुलिस के पहले से इंतजाम न करने के कारण जाम खोलने में वह नाकाम रहे। शहर के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जवारा जुलूस निकलते हैं, जो अधिकतर बारादेवी मंदिर पहुंचते हैं। शनिवार दोपहर बाद शहर के विभिन्न इलाकों से निकले जवारा जुलूसों से कई जगह जाम की स्थिति पैदा हो गई।
बारादेवी मंदिर के आसपास की सड़कों पर जहां जाम रहा, वहीं शहर को साउथ से जोड़ने वाले पुलों पर भी वाहनों की रफ्तार धीमी रही। जुलूसों के दौरान गोविंदपुरी पुल, दादानगर पुल व बाबूपुरवा नया पुल पर वाहन तो दूर पैदल निकलना भी दूभर हो गया। जिसके चलते दोपहर 4.30 बजे के बाद इन रास्तों से गुजरने वालों को जहां रास्ता दिखा वहां वाहन मोड़ दिया। इससे जाम और बढ़ता चला गया। लोगों को 20 मिनट की दूरी तय करने में एक घंटे का समय लगा।
भारी फोर्स तैनात
जुलूसों के दौरान अराजक तत्व किसी प्रकार माहौल न बिगाड़ सकें, इसके लिए कमिश्नरी पुलिस ने बारादेवी चौराहे के आसपास और जवारा वाले रूटों पर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया है।
