फर्रूखाबाद के आसिफ ने नवमी पर किया कन्या पूजन, बोले पूजा करने का तरीका बदला परंपराओं को नहीं
फर्रुखाबाद के शमसाबाद में आसिफ अली ने रमजान में दुर्गा पूजा के मौके पर कन्या पूजन कर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ व बेटी संभालो का संकल्प दिलाया। कस्बा के मुस्लिम बाहुल्य मोहल्ला काजी टोला में उन्होंने अपनी पत्नी फरजाना बेगम के साथ मिलकर दो दर्जन से ज्यादा कन्याओं के पैर धोकर पूजन किया। इसके बाद उन्हें उपहार में कापी, पेन, केला व बिस्कुट आदि खाद्य सामग्री भेंट की। कहा कि इस्लाम की मान्यता है कि बेटी व मां के पैरों में जन्नत है।
डा. आसिफ अली खान ने कहा, वह भारतीय परंपराओं के वाहक हैं। उन्होंने पूजा करने का तरीका बदला है, परंपराओं को नहीं। कन्या पूजन उनकी परंपरा का एक अंग है। इस्लाम की मान्यता भी उसके लिए आग्रह करती है। इस्लाम के आदेश और अपनी परंपराओं को मानते हुए ही कन्या पूजन किया है। बेटी को संभालना बहुत पुण्य का कार्य है। वह संकल्प लेते हैं कि प्रत्येक वर्ष में दो बार कन्या पूजन करके अपने संकल्प को सिद्ध करेंगे। इसी के साथ बेटी की रक्षा, उसके जीवन और स्वावलंबन की सुरक्षा का संकल्प लेते हैं।
डा. आसिफ मूलरूप से अलीगढ़ जिले के रहने वाले हैं। वह यहां काफी समय से रह रहे हैं। मोहल्ले में ही क्लिीनिक चलाते हैं। इस मौके पर जिला गोसेवा प्रमुख मनोज चतुर्वेदी, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच संगठन के कानपुर प्रांत संयोजक आलोक चतुर्वेदी समेत कई लोग मौजूद रहे।
