डॉ0 नागेन्द्र स्वरूप स्मृति व्याख्यान माला के अन्तर्गत चतुर्थ एवं समापन व्याख्यान का आयोजन किया गया

आज भूगोल विभाग डीए-वी0 कालेज कानपुर में डॉ0 नागेन्द्र स्वरूप स्मृति व्याख्यान
माला के अन्तर्गत चतुर्थ एवं समापन व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि डॉ0 अनिल कुमार
यादव, कुलसचिव, छत्रपति शाहू जी महाराज वि०वि०, कानपुर, मुख्य वक्ता प्रो0 डी0 के0 त्रिपाठी, प्राचार्य, राणाप्रताप
पी0जी0 कालेज, सुल्तानपुर, डी0ए-वी0 कालेज, कानपुर के प्राचार्य प्रो० (डॉ०) अरूण कुमार दीक्षित, विभागाध्यक्ष डॉ०
जे0पी0 यादव आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
महाविद्यालय के ऊर्जावान प्राचार्य प्रो0 अरूण कुमार दीक्षित ने अपने स्वागत उद्वबोधन में बताया कि डॉ0 नागेन्द्र
स्वरूप स्मृति व्याख्यान माला के अन्तर्गत स्नातक एवं परास्नातक पाठ्यक्रम के मुख्य विषयों पर विशेष रूप से चर्चा
करने हेतु कई प्रो0 स्तर के लब्ध प्रतिष्ठित विद्धानों को व्याख्यान हेतु आमंत्रित किया गया है। चतुर्थ एवं समापन
व्याख्यान का शुभारम्भ मुख्य अतिथि डॉ० अनिल कुमार यादव, कुलसचिव, छत्रपति शाहू जी महाराज वि०वि०, कानपुर,
जी के द्वारा आज दिनांक 12.04.2022 को हो रहा है। इस व्याख्यान माला से भूगोल के छात्र/छात्रायें विशेष रूप से
लाभान्वित होगें। आज का विषय “NAAC Assessment and Accreditation of Higher Education
Institutions” है जिस पर मुख्य व्याख्यान प्रो0 डी0 के0 त्रिपाठी, प्राचार्य, राणाप्रताप पी0जी0 कालेज, सुल्तानपुर, के
द्वारा सम्पन्न हुआ।
मुख्य अतिथि डॉ0 अनिल कुमार यादव, कुलसचिव, छत्रपति शाहू जी महाराज वि०वि०, कानपुर, ने बताया कि
नैक प्रमाणन देश भर के उच्च संस्थानों में प्रदान की जाने वाली शिक्षा के मानक का मूल्यांकन करने और फिर गारंटी
देने का एक उपाय है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने एक आदेश जारी किया है जिसमें कहा गया है कि प्रत्येक
विश्वविद्यालय और संकाय को राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद से प्रमाणीकरण करना आवश्यक होगा। नैक
मान्यता वाले संस्थान उन संस्थाओ की श्रेणी में आते है जो छात्रो को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करते हैं।
मुख्य वक्ता प्रो0 डी0 के0 त्रिपाठी ने “NAAC Assessment and Accreditation of Higher Education
Institutions” विषय पर विस्तृत रूप से चर्चा की जिसमें उन्होने नैक प्रत्यायन के उद्देश्यों का उल्लेख किया।
उन्होने कहा नैक का मुख्य उद्देश्य कालेजो और उच्च शिक्षा संस्थानों में मान्यता के संचालन के लिए संस्थानों के
बीच शिक्षा की गुणवत्ता की स्थिति के बारे में समझ पैदा करना है। नैक प्रत्यायन संस्थान की शिक्षा, अनुसंधान,
संकाय, बुनियादी ढॉचा आदि के संदर्भ में गुणवत्ता की पहचान करता है।
महाविद्यालय के ऊर्जावान प्राचार्य प्रो० (डॉ०) अरूण कुमार दीक्षित ने बताया कि नैक प्रत्यायन प्रक्रिया संस्थान
को निरन्तर मूल्यांकन प्रकिया का उपयोग करके अपनी कमजोरियों, ताकतो, अवसरो और खतरो की पहचान करने में
मदद करती है। यह संस्थाओं को आधुनिक और नवीन शैक्षिक विधियों से परिचय कराती हैं।
विभागाध्यक्ष डा0 जे0पी0 यादव ने कहा कि नैक निकाय ने प्रत्यायन के लिए आवेदन करने के लिए पात्रता
मापदण्ड का एक सेट दिया है, यदि संस्थान पात्र हैं तो उन्हें वांछित दस्तावेज जमा करने होते है। संस्थान नैक की
अधिकारिक वेबसाइट पर मान्यता के लिए अपना पंजीकरण करा सकते हैं। नैक मान्यता वाले संस्थान उन संस्थानो
की श्रेणी में आते है जो छात्रो को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करते है और शिक्षा के माध्यम से कौशल और ज्ञान
विकसित करने में मदद कर उनके समग्र विकास में सहभागी बनते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर विभागाध्यक्ष डा0 जे0पी0 यादव ने सभी माननीय अतिथियों, विभागाध्यक्षों, शिक्षकों,
छात्र/छात्राओं एवं मीडिया बन्धुओ को धन्यवाद ज्ञापित किया। भूगोल विभाग के डॉ0 जी0एल0 श्रीवास्तव, डॉ०
पी0एस0 श्रीवास्तव, डॉ0 एस0पी0 अस्थाना, डॉ0 रोमल सक्सेना, डॉ0 प्रतिभा सिंह, डॉ० कुमार अमित, डॉ0 सुधीर
कुमार, डा0 हनी मिश्रा, डॉ0 नूपुर बुधौलिया, डॉ0 अनुपमा सिंह, डॉ० प्रवीन कुमार आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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