कानपुर में मुगल रोड पर हथेरुआ मोड़ के पास बरातियों से भरी वैन की ट्रक से भिड़ंत में घायल हुए तीन और लोगों ने सोमवार को कानपुर के एलएलआर अस्पताल में दम तोड़ दिया। तीन बरातियों की रविवार रात हादसे के तुरंत बाद ही मौत हो गई थी। वैन में कुल 11 लोग सवार थे, जिसमें पांच अभी कानपुर एलएलआर अस्पताल में भर्ती हैं। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल पूछा। वहीं, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने भी प्रशासन के साथ सूखा पुर गांव पहुंचकर लोगों को ढांढस बंधाया।
कोतवाली क्षेत्र के सूखापुर गांव निवासी रामपाल के बेटे सनी की बरात रविवार को कानपुर बर्रा विश्व बैंक जा रही थी। बरात में 10 वैन और दो लोडर शामिल थे। एक वैन गांव का ही 23 वर्षीय बीरू संखवार चला रहा था, जिसमें 11 बराती सवार थे। हथेरुआ मोड़ से आगे वैन की सीधी भिड़ंत ट्रक से हो गई थी। पुलिस सभी 11 घायलों को सीएचसी लेकर आई थी जहां तीन ने दम तोड़ दिया था।
मरने वालों में सूखापुर निवासी वैन चालक बीरू, गांव के ही 35 वर्षीय बौना और बिधनू के शिवगंज बरुई निवासी 50 वर्षीय शीतल शामिल थे। वहीं, शीतल की पत्नी 45 वर्षीय सुशीला उर्फ मंतोला, उनकी चाची 55 वर्षीय भूरी, पुखरायां निवासी 45 फूला देवी, उनका बेटा 20 वर्षीय राजकुमार और दामाद कानपुर के उस्मानपुर निवासी 30 वर्षीय बबलू, फत्तेपुर गांव निवासी धर्मेंद्र की पत्नी 50 वर्षीय उर्मिला उर्फ सत्तो, चकेरी लालबंग्ला निवासी राजू की पत्नी 28 वर्षीय ज्योती और उसका पांच साल का लड़का ललित घायल हो गए थे। सभी को घाटमपुर सीएचसी से कानपुर एलएलआर अस्पताल रेफर किया गया था। सोमवार को इलाज के दौरान सुशीला उर्फ मंतोला, भूरी और ज्योती ने दम तोड़ दिया। वहीं, पांच घायलों का अभी इलाज चल रहा है। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने अस्पताल में घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने सीएमएस को निर्देश दिए कि सभी घायलों का बेहतर इलाज हो। इस दौरान उन्होंने घायलों के घरवालों को भरोसा दिलाया कि सरकार की ओर से पूरी मदद की जाएगी।
पांच लाख का दुर्घटना बीमा और जमीन का पट्टा मिलेगा
प्रदेश कैबिनेट मंत्री राकेश सचान सोमवार को सूखापुर गांव पहुंचे। उनके साथ राजस्व की टीम थी। उन्होंने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। तहसीलदार सत्यप्रकाश ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वालों को किसान दुर्घटना बीमा से पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। इसके साथ ही जिन लोगों के पास जमीन नहीं होगी उनके लिए ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पारित कर पट्टे की व्यवस्था की जाएगी।
एसडीएम आयुष चौधरी के अनुसार विधायक की सहमति से मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से भी मदद दिलाने की कोशिश की जाएगी।
