घाटमपुर तहसील में वकीलों और लेखपालों के बीच हाथापाई, कोर्ट में ताला डालकर घंटों हुआ हंगामा
Sat, 07 May 2022
घाटमपुर तहसील में वकीलों और लेखपालों के बीच चल रहा अंदरूनी संघर्ष शनिवार को खुलकर सामने आया और जमकर धक्का-मुक्की और मारपीट हो गई। एसडीएम और तहसीलदार कोर्ट में ताले पड़ गए। दोनों पक्षों की ओर से नारेबाजी व हंगामा हुआ। लेख पालों संग तहसील के कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। तहसील परिसर में घंटों हंगामा चलता रहा। एसडीएम और सीओ ने पहुंचकर किसी तरह स्थिति संभाली।

शुक्रवार की शाम करीब पांच बजे कोहरा और किरार के लेखपाल विमल कुमार और बार एसोसिए शन के महामंत्री अधिवक्ता शिव सिंह परमार के बीच मारपीट और झगड़ा हुआ था।

शिव सिंह परमार का आरोप था कि विमल ने एक जमीन के पाका 11 पर रिपोर्ट लगाने के लिए जूनियर अधिवक्ता स्वाति यादव से सात हजार रुपये की घूस मांगी और रुपये न देने पर आवेदन पत्र फाड़ दिया। विरोध करने पर साथियों संग मिलकर स्वाति के साथ गए अधिवक्ताओं से मारपीट की। जब वे पहुंचे तो आरोपित गाली-गलौज करके भाग गए।

वहिं लेखपाल संघ का कहना है कि शिवसिंह परमार और उनके साथी वकीलों द्वारा लगातार लेख पालों से अभद्रता की जा रही है और उन्हें डराया जा रहा है। बीते दिनों नायब तहसीलदार की कोर्ट में लेखपाल सुरेश और तहसील गेट पर महिला लेखपाल रेनू राना से अभद्रता की गई थी। इसके बाद शुक्रवार को लेखपाल विमल कुमार से भी मारपीट हुई। इसके चलते लेखपालों ने शनिवार को काम रोककर हड़ताल की और तहसीलदार कोर्ट के सामने धरना दिया। इस दौरान तहसील के सभी कर्मचारी धरने में शामिल हुए और तहसीलदार कोर्ट व एसडीएम कोर्ट में ताला डाल दिया गया। वकीलों ने जब ताला देखा तो हंगामा कर दिया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। हाथापाई और मारपीट हो गई। जिस समय झगड़ा हुआ तहसील सभागार में तहसील दिवस का आयोजन हो रहा था। वहीं, मौजूद सीओ सुशील कुमार दुबे तुरंत पहुंचे और बीच-बचाव किया। एसडीएम आयुष चौधरी ने पहुंचकर कोर्ट खुलवाईं। हालांकि, तहसीलदार कोर्ट के सामने लेखपालों का धरना जारी रहा। वहीं, अधिवक्ताओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर दरी बिछाकर धरना देने की कोशिश शुरू कर दी। एसडीएम ने इस पर वकीलों को फटकार लगाई। वकीलों ने कहा कि लेखपालों द्वारा कोर्ट में ताला लगाना गैरकानूनी है, इसलिए उनपर कार्रवाई की जाए। इसके बाद एसडीएम ने सभी वकीलों को समझाकर शांत कराया।

वकील बोले- एसडीएम कोर्ट का भी होगा बहिष्कार

बार एसोसिएशन के महामंत्री शिवसिंह परमार का कहना है लेखपाल भ्रष्टाचार करते हैं और तहसीलदार का लेखपालों को समर्थन है। उन्होंने कहा कि तहसीलदार कोर्ट का बहिष्कार पहले ही किया जा चुका है। अब जब तक तहसीलदार का तबादला नहीं होता है तब तक एसडीएम कोर्ट का भी बहिष्कार किया जाएगा।

लेखपाल बोले- तीन दिन में चाहिए सुरक्षित माहौल

लेखपाल संघ के तहसील मंत्री नवनीत कुमार मिश्र ने बताया कि धरना एक दिन का था। एसडीएम से कहा गया है कि तीन दिनों में लेखापालों को काम करने के लिए सुरक्षित माहौल प्रदान किया जाए नहीं तो लेखपाल आगे की रणनीति तय करेंगे।

– दोनों पक्षों को समझाया गया है। दोनों पक्षों की शिकायतों पर सुनवाई करके हल निकाला जा रहा है। लेखपालों ने कोर्ट में ताला नहीं लगाया था। वकीलों के हंगामे के चलते पेशकारों ने कोर्ट बंद कर दी थी।-आयुष चौधरी, एसडीएम

– लेखपालों और वकीलों के झगड़े की सूचना पर पहुंचकर बीच- बचाव कराया था। इसके बाद मामला एसडीएम और एडीएम के समक्ष चला गया। पुलिस विभाग के पास जब कोई शिकायत आएगी तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। – सुशील कुमार दुबे, सीओ

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