विधायक ने कहा कि, इनके बारे मे आमजन की शिकायत है कि, यह धड़ल्ले से बिना किसी भय के भ्रष्टाचार कर रहे हैं और मानकों के विपरीत कार्य कर रहें है। कृपया इसकी जाँच करा ली जाये। शिकायत कर्ता एवं आमजन निर्माण कार्य को ठीक तरह से कराने की गुहार लगा रहें है। उक्त दोनों अधिशासी अभियन्ताओं द्वारा गर्व से सामूहिक रूप से यह कहना कि मेरा तो जल्दी ही रिटायरमेन्ट हो रहा है अतः मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता। जिससे बार-बार क्षेत्रीय लोग आक्रोशित होकर, हमारे घर आकर, हम लोगों को जनप्रतिनिधि होने के नाते घेर रहें है। जिसके कारण हम लोगों की और हमारी पार्टी तथा हमारी सरकार की अनावश्यक रूप से इनके कारण बदनामी हो रही है।
विधाकय ने कहा कि, ऐसा प्रतीत होता है कि इन्होने मर्यादा की सारी सीमायें तोड़ दी हैं। यदि इनकी आय से अधिक सम्पत्ति की जाँच हो जाये तो, सभी तत्थ्यात्मक चीजें बाहर आ जायेंगी। और गरीब जनता को न्याय भी मिल जायेगा।
विधायक ने मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी से कहा कि, आम जनता के साथ हो रहे अन्याय और जन शिकायतों के दृष्टिगत, मुझे सख्त कार्यवाही की आवश्यकता महसूस हो रही है।मुझे लगता है कि, हमारी जन कल्याणकारी सरकार के सरकारी पद में रहकर भी, जनहित के कार्य को भ्रष्टाचार युक्त करने के कारण से ऐसे व्यक्तियों को किसी भी, जिम्मेदार पद पर रहने का अधिकार नही होना चाहिये।
विधाकय ने आवश्यक कार्यवाही हेतु, उपरोक्त प्रकरण की छायाप्रति भी प्रेषित की।
1. माननीय मुख्यमंत्री जी, उ0प्र0।
2. माननीय लोक निर्माण मंत्री, उ0प्र0 सरकार, लखनऊ।
3. प्रमुख सचिव, लोक निर्माण, उ0प्र0 शासन, लखनऊ।
विपिन दुबे
गोविन्द नगर विधानसभा, कार्यालय प्रभारी।
