प्रशासनिक न्यायमूर्ति के आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं ने स्थगित की हड़ताल
Sat, 14 May 2022
कानपुर देहात में भोगनीपुर न्यायालय की वापसी, जनपद न्यायालय के गेट नंबर दो को खोलने, पेयजल व शौचालय जैसी मांगों को लेकर अधिवक्ता 20 अप्रैल से हड़ताल पर थे। शनिवार को प्रशासनिक न्यायमूर्ति के आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं ने हड़ताल स्थगित कर दी। अब सोमवार से अधिवक्ता फिर से कार्य पर लौटेंगे।
माती जनपद न्यायालय में विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित लोक अदालत में हाईकोर्ट के न्यायाधीश व जिले के प्रशासनिक न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी का अधिवक्ताओं ने बुके देकर सम्मान किया। हड़ताल पर बैठे अधिवक्ताओं की उन्होंने समस्याएं सुनीं। एकीकृत बार एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष विजय मिश्रा, महामंत्री अरविंद सिंह, मंत्री ज्योति सिंह सहित अन्य अधिवक्ताओं ने उन्हें जनपद न्यायालय की समस्याओं से अवगत कराया। उन्हें बताया कि जनपद न्यायालय का गेट नंबर दो बंद रहता है, जिससे अधिवक्ताओं को आने जाने में समस्या होती है। इसके साथ ही पेयजल व शौचालय की समस्या है। वहीं भोगनीपुर कोर्ट की पुखरायां से वापसी सहित अन्य मांगों को अधिवक्ताओं ने उनके समक्ष रखा, जिस पर उन्होंने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष समस्या रख निस्तारित कराने का आश्वासन दिया। प्रशासनिक न्यायमूर्ति के आश्वासन पर सभी अधिवक्ताओं ने हड़ताल को स्थगित कर दिया। कार्यकारी अध्यक्ष ने बताया कि प्रशासनिक न्यायमूर्ति के आश्वासन पर हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है। 15 दिन में समस्या निस्तारण न होने पर अधिवक्ता फिर आगामी रणनीति पर विचार करेंगे। इस दौरान अधिवक्ता राकेश मिश्रा, धनंजय पांडेय, मुकेश बाबू, रमेश कुमार पांडेय, शैलेंद्र कुमार तिवारी, विश्वनाथ, प्रदीप त्रिवेदी मौजूद रहे।
न्यायालय में तैनात रहा भारी पुलिस बल
प्रशासनिक न्यायमूर्ति के आगमन को लेकर माती न्यायालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। हड़ताली अधिवक्ताओं के साथ ही संदिग्ध लोगों पर भी पुलिस की नजर रही। इसके साथ ही न्यायालय में प्रवेश करने वाले लोगों पर भी पुलिस ने तलाशी के बाद ही जाने दिया।
डीएम-एसपी ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा
माती जनपद न्यायालय में प्रशासनिक न्यायमूर्ति के आगमन को लेकर डीएम नेहा जैन, एसपी स्वप्निल ममगाई, एएसपी घन श्याम चौरसिया सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। यहां उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और किसी प्रकार की लापरवाही न करने के निर्देश दिए
