
राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी का चित्र पंजाब सरकार द्वारा समस्त सरकारी कार्यालयों से हटाये जाने पर आपत्ति
कानपुर, पंजाब की नव निर्वाचित आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेशिक सरकार ने आदेश पारित किया कि सभी सरकारी कार्यालयों से राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के गरिमामय चित्र हटवा दिये जाए जो शुद्धरूप से राजनीति से प्रेरित है। सम्पूर्ण विश्व के 84 देशों में महात्मा गाँधी की 110 प्रतिमाओं से ज्यादा लगी हुयी है। अमेरिका में 8 और जर्मनी में 11 प्रतिमा स्थापित है। जहाँ लोग झुककर सम्मानपूर्वक प्रणाम करते हैं। जहाँ एक ओर 2 अक्टूबर को अंर्तराष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाया जाता है और गाँधी के देश में ही गाँधी के चित्रों को हटाने का काम हो रहा है। जबकि आम आदमी पार्टी गाँधी के आदेशों पर चलकर बनी थी। हम लागों को याद है जब अन्ना हजारे का आन्दोलन चल रहा था तब मंच पर तिरंगा झण्डा लहराया जाता था और महात्मा गांधी के नारों से जन्तर मन्तर क्षेत्र गुंजायमान होता था।केवल गाँधीवादी नहीं बल्कि समस्त देश प्रेमी पंजाब के इस आदेश से आहत हैं। सच यह है कि आज विश्वभर में यदि किसी भारतीय का नाम प्रचलित है तो वह हैं महात्मा गाँधी का नाम दे विश्वभर में शान्ति, अहिंसा व सामुदायिक सदभाव का स्तम्म माना जाता है लेकिन पंजाब की सरकार ने अपने ही देश में महज सस्ती लोकप्रियता व राजनैतिक लाभ के लिये राष्ट्रपिता का नाम व निशान को मिटाना चाहते हैं। यह एक सोची समझी साजिश है जिसका हम सब लोग कठोर से कठोर शब्दों में निन्दा करते हैं।हम सभी लोग आपके गरिमामयी पद के द्वारा करबद्ध प्रार्थना करते हैं कि आप कृपया पंजाब सरकार को आदेशित करें कि वह शीघ्रातिशीघ्र इस आदेश को वापस ले और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र को पुनः सरकारी कार्यालयों में स्थापित करें।सुरेश गुप्ता,छोटे भाई नरोन्हा,नौशीद आलम,मंसूरी जगदम्बा अतहर नईम,श्यामदेव सिंह आदि लोग मौजूद रहे
