योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में सर्वप्रथम से होने वाली मौतों को राज्य आपदा घोषित कर दिया है यानी अब सांप के काटने से किसी की मृत होती है तो वह सरकारी मुआवजे का हकदार होगा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शासन ने राज्य के सभी जिला अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया है जिसके मुताबिक अब सर्पदंश के मृतक के परिवार को सरकार की ओर से ₹400000 की आर्थिक मदद दी जाएगी इस आदेश के मुताबिक सर्पदंश के मृतक के आश्रितों को आर्थिक सहायता के लिए विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे घटना के 7 दिनों के भीतर उन्हें सरकारी मुआवजे की राशि मिलेगी यह सुनिश्चित करना हर जिला अधिकारी का काम होगा ।
सर्पदंश को राज्य आपदा घोषित करते हुए सर्प दंश से मृत्यु की दशा में प्रत्येक मृतक के आश्रितों को ₹400000 की अहेतुक सहायता दी जाएगी।
शासन के संज्ञान में आया है कि सर्प दंश से मृत्यु को प्रमाणित करने के लिए मृतक की विसरा जांच हेतु फॉरेंसिक लैब भेजी जाती थी और मृतक की विसरा जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा में मृतक के आश्रितों को अहेतुक सहायता समय से उपलब्ध नहीं हो पाती थी फॉरेंसिक स्टेट लीगल सेल के अनुसार सर्पदंश के प्रकरणों में विसरा रिपोर्ट को रिजर्व करने का कोई औचित्य नहीं था तथा उनके द्वारा अवगत कराया गया है कि विसरा जांच रिपोर्ट से सर्प दंश से मृत्यु प्रमाणित भी नहीं होती है।
स्टेट मेडिको लीगल सेल के परामर्श के क्रम में सर्पदंश से मृत्यु की दशा में विसरा जांच रिपोर्ट की कोई प्रासंगिकता ना होने के कारण सम्यक विचारोपरांत सर्पदंश से मृतक के आश्रितों को अहेतुक सहायता उपलब्ध कराए जाने हेतु निम्न वर्णित प्रक्रिया का पालन किया जाए-
1. मृतक का पंचनामा कराया जाए।
2. मृतक का पोस्टमार्टम कराया जाए।
3. पोस्टमार्टम के पश्चात मृतक की विसरा रिपोर्ट प्रिजर्व करने की आवश्यकता नहीं है।
4. सर्पदंश से मृत्यु की दशा में मृतक के आश्रितों को अधिकतम 7 दिन के अंदर अहेतुक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
