






विषय- न झुकूंगा, न डरूंगा, न बिकूँगा। अवैध निर्माण करने वाले इन दूल्हा जू के अनुयायियों से महारानी की धरोहर बचाने के लिए अंतिम सांस तक लड़ूंगा।
महोदय,
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के एक्ट 2010 के अनुसार ” केंद्रीय संरक्षित स्मारक के प्रतिषिद्ध क्षेत्र के भीतर लोक परियोजना सहित किसी भी प्रकार के निर्माण की अनुमति नही होगी”।
सूचना के अधिकार के अंतर्गत पुरातत्व विभाग झांसी सर्किल ने बताया है कि” झांसी दुर्ग एवं दुर्ग के चतुर्दिक भूमि भी संरक्षित स्मारक रानी के किले का हिस्सा है। जोकि भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय संरक्षित स्मारक की सूची में अधिसूचित है”।
एक्ट का उल्लंघन करने पर 2 वर्ष की सजा तथा एक लाख जुर्माने का प्रावधान है।
श्रीमान मंडल आयुक्त जी को दो पत्र एव श्रीमान जिला अधिकारी जी को चार पत्र सौप कर जांच कराए जाने का निवेदन किया जा चुका है। खोखले आश्वाशन के अलावा कोई कार्यवाही नही हुई है।
पुरातत्व विभाग से जो कार्य करने की अनुमति मिली है उसमें पाथ वे बनाया जाना शामिल नही है। पर ऐसा क्या घाल मेल हो रहा है जो संबधित विभाग पाथ वे बनाने के लिए आतुर है एवं पुरातत्व विभाग मूक दर्शक बना देख रहा है।
महारानी के धरोहर को बचाने के लिए उनका सिपाही बनकर अवैध निर्माण करवाने वाले दूल्हा जू के अनुयाईयों से अंतिम सांस रहने तक संघर्ष करूँगा।
पचकुंया की तरफ वाले किले के मैदान पर बड़ी मात्रा में निर्माण सामिग्री, बुलडोजर एव रोड रोलर भी ले आया गया है।
अवैध कार्य रुकवाने एवं किये जा चुके कार्य के मलवे को हटवाए जाने के लिए बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय खंडेराव गेट बाहर महारानी के किले के झंडा बुर्ज के नीचे पाथ वे के लिए बनाई जा रही बाउंडरी वाल पर धरने पर बैठ गए। यह धरना निरंतर चलता रहेगा जब तक कोई सकारात्मक कार्यवाही नही हो जाती। धरना स्थल पर हनीफ खान एवं प्रदीप झा ने सहयोग दिया।
पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने धरना स्थल पर पहुंच कर समर्थन दिया।
पुलिस दल ने बल का प्रयोग कर धरना समाप्त करवा दिया।
कल 26 मई को पुनः 10 बजे से झण्डा बुर्ज के नीचे धरना दूंगा।
भानू सहाय एडवोकेट
अध्यक्ष
बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा
9415588500
