उपद्रव के पीछे थी बड़ी साजिश, यहां पढ़ें- अकेले विवादित बयान ही नहीं चार और भी हैं वजह
Sun, 05 Jun 2022
कानपुर नई सड़क और दादा मियां का हाता में उपद्रव के पीछे केवल एक विवादित बयान को लेकर गुस्सा नहीं है। इसके पीछे एक बड़ी साजिश मानी जा रही है। शुरुआती जांच में चार प्रमुख कारण प्रकाश में आए हैं, जिनकी वजह से उपद्रवियों व असामाजिक तत्वों ने मुस्लिम युवकों को धर्म का वास्ता देकर भड़काया। असल में इन सबके पीछे भूमिका केवल यही थी कि उनका जरायम पर खड़ा साम्राज्य बचा रहे। वर्तमान समय में जहां शत्रु संपत्ति और डी-टू गैंग के खिलाफ कार्रवाई का दबाव लगातार बढ़ रहा है, वहीं एमएमए जौहर फैंस और पापुलर फंड आफ इंडिया (पीएफआइ) का कनेक्शन भी बड़ी चेतावनी है कि अंदर खाने कुछ बड़ा पक रहा है।
पीएफआइ व जौहर फैंस का धीरे-धीरे बढ़ा रहे दायरा : केरल के चरमपंथी संगठन पीएफआइ का नाम शहर में सीएए को लेकर बवाल के दौरान सामने आया था। पुलिस ने इसके पांच सदस्यों को उपद्रव में शामिल होने के आरोपों में गिरफ्तार किया था। तब से यह चर्चा है कि मुस्लिम क्षेत्रों में यह संगठन तेजी से पैर पसार रहा है। अब एमएमए जौहर फैंस एसोसिएशन पर भी सवाल है कि वह कानपुर में पीएफआइ के इशारे पर काम करता है। बंद के आह्वान दोनों ने एक ही दिन क्यों किया, जांच का विषय है। पुलिस आयुक्त दोनों संगठनों के आर्थिक स्रोतों की जांच के लिए भी कह चुके हैं।
डी-टू अपराधी गिरोह से बना गया है कट्टर धार्मिक संगठन : डी-टू गैंग के आतंकियों से संपर्क पर इन दिनों जांच हो रही है। शत्रु संपत्तियों के मामले में जो भू माफिया सामने आ रहे हैं, उनके डी-टू गैंग से संबंध सामने आए हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा का है। मुख्तार बाबा के विरोधी लगातार यह दावा करते आ रहे थे कि अगर इस पर लगाम नहीं कसी गई तो शहर के अमन चैन को खतरा हो सकता है और वही हुआ। जिन लोगों को नामजद किया गया है या पकड़ा गया है, उनमें शामिल इसराइल, आदिल और इमरान कालिया पर डी-टू गैंग के लिए काम करने का आरोप है। डी-टू गैंग का सबसे खास शूटर अफजाल दस दिनों पहले जेल से छूटा है। उसके भी इस उपद्रव में शामिल होने की आशंका है।
शत्रु संपत्ति:
अरबों की संपत्ति पर संकट देख भूमाफिया रच रहा साजिश : मुस्लिम क्षेत्रों व शहर के तमाम इलाकों में अरबों की शत्रु संपत्तियां फर्जी दस्तावेज बनाकर बेंच दी गईं। दैनिक जागरण इस गोलमाल को लेकर अभियान चला है, जिसकी वजह से शासन और प्रशासन भी जांच कर रहा है। नई सड़क व दादा मियां का हाता क्षेत्र, जहां शुक्रवार को बवाल हुआ, वहां भी आसपास बड़ी संख्या में शत्रु संपत्तियां हैं। जो एफआइआर घायल मुकेश की ओर से दर्ज कराई गई है, उसमें भी कहा गया है कि यहां शत्रु संपत्तियों पर केडीए के अफसरों के आंख मूंदने की वजह से ऊंची-ऊंची अवैध इमारतें तन गईं। यही ऊंची इमारतें अब पथराव और गोलीबारी का केंद्र बन गई हैं। शत्रु संपत्तियों की जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इससे जुड़े भूमाफिया कुछ आपराधिक तत्वों से भी जुड़े हैं
