
समाजवादी पार्टी सैनिक प्रकोष्ठ एक ज्ञापन के माध्यम से आपको अवगत कराना चाहती है कि भारतीय सेना में सैनिकों की संविदा पर भर्ती पर असहमति जताते हुए रोकने हेतु आपसे निवेदन के साथ इस ज्ञापन में दिए गए बिंदुओं की ओर आप का ध्यान आकर्षित कराना चाहता है,
1. भारतीय सेना अपने मूल्यों, संस्कारों, मानकों एवं कठिन भर्ती प्रक्रिया व सुदृण संगठनात्मक शक्ति तथा आम जनमानस में सम्मानपूर्ण स्थान के कारण ही सदैव से देश की सीमाओं की रक्षा हेतु तत्पर रही है। देश द्वारा नियत इस जिम्मेवारी को भारतीय सेना के सैनिक मृत्यु के वरण तक निभाते हैं। यही नहीं कर्तव्यों के निर्वहन में वीरगति प्राप्त सैनिक पर उनका परिवार और समस्त समाज फक्र करता है।
2. इन्हीं भावनाओं के साथ ईश प्रदत्त देश सेवा की ज़िम्मेवारी निभाने के बाद एक पूर्व सैनिक के रूप में हम सब पूर्व सैनिक अब समाज की सेवा में हैं। परन्तु सैनिक परिवार के प्रति खुद को नैतिक रूप से जुड़े होने के कारण, आजकल समाज में चल रही संविदा पर सैनिक भर्ती की चर्चा पर अपनी असहमति प्रकट करते हुए आपका ध्यान निम्नलिखत बिंदुओं पर ले जाना चाहते हैं:-
a. भारतीय सेना में एक सैनिक को संगठित सदस्य के रूप में तैयार करने में एवं सैनिक में कर्तव्यबोध, सेना के प्रति वीरगति तक कार्यरत होने की भावना तथा सर्वोच्च मानकों को विकसित करने की एक सतत लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
b. एक सैनिक को अपने कर्तव्यों के लिए तैयार करने एवं बाकी टुकड़ी को नेतृत्व देने की क्षमता विकसित करने में समय लगता है। तकनीकी कार्यों में और अधिक समय एवं आर्थिक व्यय होता है।
c. वीरगति की परिणति तक कर्तव्यों के निर्वाहन के लिए एक सैनिक की तनख्वाह, पेंशन एवं अन्य सुविधाओं के साथ साथ सैनिक की मृत्य पश्चात आजीवन परिवार के भरण पोषण का देश द्वारा ज़िम्मेवारी उठाना सबसे प्रमुख कारण होता है।
d. संविदा पर सैनिक के पास न इतना समय होगा, न इतनी सुविधाएं और न ही उतनी सैनिक मूल भावना, कि वह मृत्यु के वरण तक सीमा पर अपने कर्तव्यों का वहन कर सके।
e. देश की जनसंख्या एवं बेरोजगारी के मद्देनजर संविदा के सभी सैनिकों को सरकारी सेवा में समायोजित करना कठिन होगा। अगर, एक हथियारों में पारंगत एवं सेना के विषयों की जानकारी रखने वाला व्यक्ति बेरोजगार होगा तो वह देश और समाज के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। देश के विरुद्ध शक्तियां ऐसे नवयुवकों का गलत इस्तेमाल कर सकती हैं।
f. भारतीय सेना में तमाम युद्ध उपकरणों, हथियारों एवं अन्य शक्तियों के बावजूद, सैनिक, भारतीय सेना की सबसे मजबूत धुरी है। कमजोर सैनिक देश की रक्षा एवं अखंडता के लिए घातक होगा।
3. अतः सम्पूर्ण देश एवं खासकर भारतीय सेना के अभिभावक के तौर पर माननीय महामहिम राष्ट्रपति महोदय को हम सभी पूर्व सैनिक निवेदन करते हैं कि, कृपया संविदा पर सैनिक भर्ती के किसी प्रयास को देश, जनमानस एवं भारतीय सेना के हित में रोकें।
ज्ञापन देने वालों में नगर अध्यक्ष रमेश यादव ग्रुप कैप्टन आरके यादव अनवर सिंह अरविंद यादव दीपक खोटे अर्पित त्रिवेदी वीरेंद्र सिंह गोरे यादव हरिंदर सिंह आरके सिंह रामपाल सिंह ओमप्रकाश सिंह कैलाश पाल सर्वेश यादव राहुल यादव यजुनाथ सिंह रिव विष्णु सविता एके सिंह शेर सिंह कमल सिंह जितेंद्र सिंह अंगद सिंह ज्ञानेंद्र सिंह यादव एवं हरिश्चंद्र यादव सहित काफी लोग उपस्थित रहे
