राजकुमार दुबे ने पुलिस पर क्यों बरसा दी थीं गोलियां, बड़े बेटे ने खोला राज
Tue, 21 Jun 2022
कानपुर में श्याम नगर के सी-ब्लाक में रविवार दोपहर जो कुछ भी हुआ उसका किसी को भी अंदेशा नहीं था। पैसों को लेकर पारिवारिक विवाद के बाद पुलिस को सूचना दी गई थी। पुलिस के पहुंचने के बाद तक ठीक था लेकिन मामला वहां से बिगड़ा जब दारोगा ने छत पर कपड़े फैला रही कारोबारी राजकुमार दुबे की पत्नी से गरजते हुए दरवाजा खोलने को कहा। इन्कार करने पर दारोगा ने उन्हें गालियां दीं। घर के बाहरी कमरे में मौजूद कारोबारी ने जब गालियां सुनीं तो उन्हें नागवार गुजरा। वह आपा खो बैठे और छत से दनादन गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। यह जानकारी कारोबारी के बेटे सिद्धार्थ ने दी। उन्होंने कहा कि अगर दारोगा गाली न देते तो पिता फायरिंग न करते।

“पैसों को लेकर शुरू हुआ था विवाद: शेयर कारोबारी राजकुमार दुबे के बेटे सिद्धार्थ ने बताया कि शादी के बाद कोरोना के चलते वह घूमने नहीं जा सके थे। पिता को रुपयों की जरूरत थी तो उस वक्त उन्होंने 18 हजार रुपये दिए थे। एक माह पहले छोटे भाई राहुल की शादी के दौरान पिता से रुपये वापस मांगे तो उन्होंने शादी के बाद देने की बात कहकर टाल दिया। एक दिन फिर से रुपयों के लिए कहा तो उन्होंने जुलाई में पूरा रुपया देने को कहा।

सिद्धार्थ ने बताया कि चूंकि लाकडाउन के बाद नई नौकरी के चलते आर्थिक स्थिति सही नहीं चल रही थी और बाइक की किस्त जमा करने में दिक्कत आ रही थी, इसलिए रविवार को पिता से फिर पैसे मांगने गया था। उनसे कहा कि आप पैसे नहीं दे सकते तो हर माह बाइक की 1800 रुपये की किस्त जमा कर दिया करो। इस बात को सुनते ही पिता भड़क गए। उन्हें लगा कि भावना (सिद्धार्थ की पत्नी) सिद्धार्थ को भड़काकर रुपये मंगवा रही है। इस पर विवाद शुरू हो गया। पिता ने दोनों को उनके कमरे में ही बंधक बना दिया था।

मां के अंदर भी गाली-गलौज से थी नाराजगी :

बेटे सिद्धार्थ ने बताया कि पूर्व में हुए समझौते के दौरान दारोगा ने कहा था कि अब जब विवाद करें तो मुझे बुलाना, इसीलिए चौकी पुलिस को सूचना दी थी। जिस समय दारोगा हिमांशु घर पहुंचे थे, मां छत पर कपड़े फैला रही थीं। दारोगा ने दरवाजा खोलने के लिए कहा तो मां किरन ने इन्कार कर दिया। उस वक्त पिता बाहर वाले कमरे में ही मौजूद थे। मां के इन्कार करने पर दारोगा ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए दोबारा गेट खोलने को कहा “गेट खोलने को कहा तो पिता बर्दाश्त नहीं कर सके। वह अपने कमरे से दोनाली बंदूक निकाल कर छत पर पहुंच गए और फायरिंग कर दी। अगर दारोगा गाली न देता तो पिता फायरिंग नहीं करते। वहीं, मां के अंदर भी इस बात को लेकर नाराजगी थी कि उनके ही दरवाजे पर आकर दारोगा ने गाली-गलौज की थी।

पिता पहले से परेशान थे इसकी जानकारी नहीं थी :

बेटे सिद्धार्थ ने बताया कि श्याम नगर के रामपुरम में ही चाचा का परिवार रहता है। गांव में पैतृक कच्चा घर गिर गया था। जिसे बनवाने के लिए पारिवारिक बाबा ने सभी से ढाई-ढाई लाख रुपये मांगे थे। इस बात को लेकर पिता पहले से ही परेशान थे। इस बीच उन्होंने भी रुपये मांग लिए जिससे उनका गुस्सा और बढ़ गया। हादसे के बाद रात में जब मां किरन से इस बारे में बातचीत हुई तो पारिवारिक बाबा के रुपये मांगने की बात सामने आई।

तुमने साथ नहीं दिया तो मैं खुद को गोली मार लूंगा :

छोटे बेटे राहुल ने बताया कि घटनाक्रम के बाद जब मां से इस बारे में पूछा तो उन्होंने बताया था कि पिता बंदूक लेकर छत पर आए थे। सीढ़ियों के दरवाजे पर ही मां ने उन्हें रोका था तो उन्होंने कहा था कि अगर तुमने साथ नहीं दिया तो मैं खुद को गोली मार लूंगा। इतना सुनने के बाद साथ खड़े रहना मजबूरी थी।

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