हमीरपुर 10 मई 24 वर्ष पूर्व मुख्यालय में हुए सामूहिक हत्याकांड के एक दोष सिद्ध अभियुक्त की पैरोल सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर हो गई है उसकी अधिक उम्र और कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए 6 हफ्ते की पैरोल स्वीकृत की गई है सुप्रीम कोर्ट ने अभियुक्त की ओर से जमा कराए गए 10 लाख रुपए के बांड की जांच कर रिपोर्ट कोतवाली पुलिस से मांगी है इसके पूर्व इस सामूहिक हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त पूर्व विधायक अशोक चंदेल की जमानत अर्जी सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका है 26 जनवरी 1997 को मुख्यालय के रमेडी निवासी राजीव शुक्ला के भाई राकेश व भतीजे गुड्डा समेत पांच लोगों की ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर हत्या कर दी गई थी राजीव शुक्ला ने पूर्व विधायक अशोक सिंह चंदेल श्याम सिंह साहब सिंह झंडू सिंह चालक रुक्कू सिंह सरकारी गनर रघुवीर सिंह डब्बू सिंह प्रदीप सिंह उत्तम सिंह भान सिंह और नसीम के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था पुलिस ने सरकारी गनर को छोड़ सभी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी मुकदमे के ट्रायल के दौरान एक आरोपित की मौत हो गई थी जबकि अन्य 10 आरोपितों को हाईकोर्ट ने 19 अप्रैल 2019 को उम्र कैद की सजा सुनाई थी 13 मई 2019 से सभी अभियुक्त अलग-अलग जेलों में सजा भुगत रहे हैं रघुवीर सिंह की वृद्धावस्था एवं बीमारी को देखते हुए 3 माह पहले जमानत मिल चुकी है वहीं पूर्व विधायक द्वारा डाली गई अंतरिम जमानत की अर्जी को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है नसीम की उम्र और बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए 6 हफ्ते की पैरोल मंजूर की है पैरोल मंजूर करने से पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने अभियुक्त के परिजनों से10 लाख रुपए के बांड जमा कराए हैं
2021-05-10
