कानपुर देहात। कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त बनाने के लिए अब 50 प्रतिशत थानों में तेज तर्रार सब इंस्पेक्टरों को थानेदारी मिल सकती है। अभी तक दो तिहाई थानों में इंस्पेक्टर को ही चार्ज देने का नियम था।
इससे पुलिस लाइन व दफ्तरों में पड़े योग्य सब इंस्पेक्टरों को चार्ज मिलने उम्मीद जगी है। वहीं कार्य में लापरवाह व खराब छवि के इंस्पेक्टरों की कुर्सी छिन सकती है। अभी तक जिले में तीन थानों में ही सब इंस्पेक्टरों को थानेदार बनाया गया है।थानों का चार्ज देने के नियम में बदलाव होने पर सब इंस्पेक्टरों में खुशी है। इसका पालन होने पर जिले के कई तेजतर्रार दरोगाओं के थानेदार बनने की आस पूरी हो जाएगी। वहीं काम में लापरवाह इंस्पेक्टरों पर गाज गिर सकती है। जिले में 13 थाने व तीन कोतवाली हैं। इसमें केवल महिला थाना, रूरा व सट्टी में सब इंस्पेक्टर बतौर थानाध्यक्ष तैनात हैं। अन्य थानों में इंस्पेक्टरों के पास ही प्रभार है। अब एसपी ने ऐसे निरीक्षकों को चिह्नित करने की कवायद शुरू कर दी है जिनकी जनता में छवि अच्छी नहीं है। साथ ही वह कार्य में लापरवाह हैं। उन्हें हटाकर तेज तर्रार सब इंस्पेक्टर बतौर थानाध्यक्ष तैनात किए जा सकते हैं।साथ ही उन सब इंस्पेक्टरों पर भी नजर दौड़ाई जा रही है जो थानों में इंस्पेक्टर के अधीनस्थ हैं व पुलिस दफ्तर में बाबू का काम कर रहे हैं। बदली हुई व्यवस्था के तहत करीब छह से अधिक थानों में सब इंस्पेक्टरों को थानेदारी मिल सकती है।योग्य सब इंस्पेक्टरों को थाने का चार्ज अभी भी दिया जा रहा है। वहीं नियमों में शिथिलता की गई है। इस पर और सब इंस्पेक्टरों को मौका मिल जाएगा।- केशव कुमार चौधरी, एसपी
2021-07-16
