कानपुर।उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा ताजियादारी के सम्बन्ध में जारी तुगलकी फरमान के खिलाफ सूफी इस्लामिक बोर्ड के राष्ट्रीय प्रवक्ता और संगठन प्रभारी सूफी मोहम्मद कौसर हसन मजीदी द्वारा मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश पुलिस के सर्कुलर को लेकर ताज़ियादार सूफी समाज की चिंता और नाराज़गी के सम्बन्ध में अवगत कराया पत्र में कहा गया है कि कट्टरपंथी ताक़तों के एक वर्ग को पुलिस द्वारा ताज़ियादार समर्थक बताया गया है जबकि उस वर्ग के मुल्ला मौलवियों द्वारा ताजियादारी को नाजायज़ और हराम तक कहा गया है साथ ही इस सम्बन्ध में इस वर्ग के मुल्ला मौलवियों द्वारा लगातार उत्तेजक भड़काऊ और अपमानजनक कथन किये जाते है जिसका साक्ष्य भी पत्र में दिया गया है साथ ही ताजियादारी को रोके जाने संबंधी बात जो सर्कुलर में लिखी गयी है उस सम्बन्ध में भी सूफी समाज मे बेचैनी है जिसके सम्बन्ध में स्थितियां स्पष्ट करने का आग्रह पत्र में किया गया है।
उक्त से सम्बंधित एक ज्ञापन जो मुख्यमंत्री महोदय को संबोधित था उसे पुलिस कमिश्नर कानपुर नगर को सूफी कौसर मजीदी जी द्वारा देने का प्रयास किया गया किन्तु 2 घण्टे तक पुलिस आयुक्त कार्यालय में बिठाने के बाद भी उन्हें आयुक्त महोदय से मिलने नहीं दिया गया।
इस सम्बन्ध में कौसर मजीदी द्वारा बताया गया कि जानबूझकर ताजियादारी को रोकने का प्रयास किया जा रहा है 800 वर्षों से भारत मे की जा रही ताजियादारी आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक है दरअसल ताजियादारी उस आतंकी घटना की याद दिलाती है जो बनू उमैया के साशक मुआविया के पुत्र यज़ीद द्वारा करबला में इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों के जघन्य हत्याकांड से सम्बंधित है।
पिछले दिनों ताज़ियादारी पर फ़तवे लगाने वाले तथाकथित बरेलवी मुल्ला मौलवियों की मुलाकात इसी ओर इशारा करती है साथ ही आज पुलिस आयुक्त कार्यालय में ताज़ियादारी विरोधी एक मुल्ला महोदय जो वहां पर मौजूद थे के इशारे पर मुझे पुलिस कमिश्नर साहब से नहीं मिलने दिया गया सरकारी सहयोग से कट्टरपंथी ताक़तों द्वारा ताज़ियादारी को रोकने की साज़िश की सूफी इस्लामिक बोर्ड कड़ी निंदा करता है और मुख्यमंत्री जी से इन सब विषयों पर स्पष्टीकरण जारी करने की मांग करता है।
2021-08-02
